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सेक्स वर्कर से ब्यूटी क्वीन बनी ट्रांसजेंडर, कभी रेलवे स्टेशन पर गुजारी थी रातें

इस साल अगस्त महीने में मिस वर्ल्ड डाइवर्सिटी का टाइटल लगातार तीसरी बार जीतने वाली ट्रांसजेंडर मॉडल नाज जोशी ने देश में ट्रांसजेंडर महिलाओं के ब्यूटी पीजेंट जीतने के बाद ना मिलने वाले अटेंशन पर मीडिया का ध्यान दिलाया। 

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New Delhi, First Published Dec 16, 2019, 2:39 PM IST
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नई दिल्ली: दिल्ली में 1984 में जन्मी ऐयाज की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही। उन्होंने बाद में अपना नाम नाज रख लिया। नाज भारत की पहली ट्रांसजेंडर इंटरनेशनल ब्यूटी क्वीन होने के साथ ट्रांस राइट्स एक्टिविस्ट और एक मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। उन्होंने अगस्त में मिस वर्ल्ड डाइवर्सिटी का टाइटल जीता। बावजूद इसके उनकी आर्थिक स्थिति आज भी खराब है। इसे लेकर नाज ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी।  

भाइयों ने ही किया था सामूहिक दुष्कर्म 
पैदा होने के बाद से ही उनके घरवालों ने उनके ट्रांसजेंडर होने के कारण दुत्कार दिया था। नाज जब 7 साल की थीं, तभी उनके परिवार ने उन्हें घर से दूर मुंबई भेज दिया था। वहां उनके अंकल रहते थे। मुंबई में अपनी स्कूल फीस जमा करने के लिए नाज ने ढाबा और होटलों के बर्तन धोए। इसके बाद मात्र 11 साल की उम्र में नाज के चचेरे भाइयों ने उनका गैंगरेप किया। उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया लेकिन मामले को दबा दिया गया। 

बार डांसर का भी किया काम 
हॉस्पिटल में नाज की मुलाक़ात एक ट्रांसजेंडर से हुई। उसने नाज को एक बार में डांसर की जॉब दिलवा दी। वहां उन्होंने 7 साल तक काम किया। सभी मुश्किलों के बीच नाज ने 1998 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। इसके बाद एक रिश्तेदार की मदद से उन्होंने निफ्ट से फैशन डिजाइनिंग की।  उनका अच्छी जगह प्लेसमेंट हो गया। लेकिन जल्द ही उन्हें काम से निकाल दिया गया। इसके बाद उनकी जिंदगी नर्क हो गई। 

मजबूरी में बनी सेक्स वर्कर 
नाज को 2010 से 2013 तक जब काम नहीं मिला, तो उन्होंने सेक्स वर्कर का काम करना शुरू किया। नाज मुताबिक, उस समय उन्हें सबसे ज्यादा पेमेंट मिला करती थी। लेकिन वो अंदर से घुटती थीं। 2017 में एक गलती के कारण उनकी तस्वीर मिस वर्ल्ड डाइवर्सिटी में चली गई, जहां वो सेलेक्ट हो गईं। इसके बाद उन्होंने टाइटल जीत लिया। इसके बाद लगातार तीन साल से वो ही ये टाइटल जीत रही हैं।  

चाहती हैं सोसाइटी में बदलाव 
नाज के मुताबिक, भारत में अगर कोई महिला ब्यूटी पीजेंट जीतती है, तो उसके पास कई ऑफर्स आते हैं। लेकिन ट्रांसजेंडर के साथ ऐसा नहीं होता। तीन बार जीतने के बावजूद आज भी उनके पास पैसों की किल्लत है। नाज ने एक बच्ची को गोद लिया है और उसकी परवरिश कर रही हैं। हालांकि, अभी भी उन्हें पैसों के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ता है। नाज ने समाज में ट्रांसजेंडर्स की स्थिति में सुधार के लिए लोगों से सोच में बदलाव लाने की अपील की है।  
 

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