दुनिया में एक से एक ऐसे विचित्र जीव पाए जाते हैं, जिनके बारे में जानने के बाद हैरत होती है। हाल ही में एक ऐसे जीव के बारे में जानकारी मिली है, जो बिना कुछ खाए कई साल तक जिंदा रह सकता है।

हटके डेस्क। दुनिया में एक से एक ऐसे विचित्र जीव पाए जाते हैं, जिनके बारे में जानने के बाद हैरत होती है। हाल ही में एक ऐसे जीव के बारे में जानकारी मिली है, जो बिना कुछ खाए कई साल तक जिंदा रह सकता है। यह जीव छिपकली की तरह दिखता है। सैलामेंडर नाम का यह जीव दक्षिण-पूर्वी यूरोप के देस बोस्निया और हर्जेगोविना में पाया गया है। यह समुद्र के भीतर बनी गुफाओं में रहता है। इसके बारे में बताया जाता है कि यह कई सालों तक अपनी जगह से हिलता भी नहीं। लोग इस जीव के बारे में जान कर हैरान हैं। लेकिन जीव-जंतुओं का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। ऐसे विचित्र जीवों का अस्तित्व लाखों वर्षों से है।

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7 साल से है एक ही जगह पर
बोस्निया-हर्जेगोविना के पास एक समुद्र में एक ऐसा सैलामेंडर मिला है, जिसके बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि वह करीब 7 साल से एक ही जगह पर पड़ा हुआ है। इतने लंबे समय में इसने कुछ भी खाया-पिया नहीं है। जंतु वैज्ञानिक लगातार इनकी गतिविधियों और शारीरिक संरचना का अध्ययन करते रहते हैं। उनका कहना है कि इस जीव की आंखें पूरी तरह से विकसित नहीं हो पातीं और यह करीब-करीब अंधा होता है। इसकी त्वचा भी विचित्र किस्म की होती है।

100 साल होती है उम्र
जंतु वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी उम्र करीब 100 साल की होती है। यह अपनी जगह तभी बदलता है, जब उसे यौन संसर्ग के लिए साथी की तलाश होती है। सैलामेंडर बिना कुछ खाए-पिए एक ही जगह पर 12 साल तक पड़ा भी देखा गया है।

कैसे चलता है इसका पता
यह पानी में गुफा के अंदर रहता है। इसलिए इसे देखने और इसकी स्टडी करने के लिए गोताखोरी कर गुफा में जाना पड़ता है। कई बार भारी बारिश होने के बाद ये गुफा से निकल कर पानी की सतह पर भी आ जाते हैं, लेकिन हंगरेरियन नैचुरल हिस्ट्री म्यूजियम के डायरेक्टर ज्यूडिट वोरोस का कहना है कि अब ऐसे तरीके विकसित किए जा चुके हैं कि गुफा में मौजूद पानी के अंशों को देख कर ही बताया जा सकता है कि यह जीव वहां है या नहीं। फिर भी कई सालों तक बिना कुछ खाए-पिए जिंदा रहना एक ऐसा रहस्य है, जिस पर से पर्दा नहीं हटा है। वैसे, आसानी से मिल जाने पर सैलामेंडर छोटे कीड़े-मकोड़े और घोंघे खाता है।