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अफगानिस्तानः भारतीयों को स्वदेश लौटने की सलाह, अलर्ट के बाद भी 3 इंजीनियरों ने कर डाली हरकत

दूतावास ने भारतीय मीडिया के सदस्यों को अफगानिस्तान के अंदर उनके ठहरने और आवाजाही के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी, जिसमें अफगानिस्तान आने से पहले साक्षात्कार और नियोजित कवरेज शामिल है।

Afghanistan Indian embassy advised their citizens to return back but many are risking their lives
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Kabul, First Published Aug 13, 2021, 2:53 PM IST
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काबुल। अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (kabul) में भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने यहां रह रहे भारतीयों को स्वदेश लौटने की सलाह दी है। तालिबान (Taliban) के बढ़ते आतंक और अफगानिस्तान के बिगड़ते हालात को देखते हुए सबको सुरक्षित तरीके से वापस होने को कहा है। 

भारतीय दूतावास की ओर से जारी सुरक्षा परामर्श 29 जून के बाद से जारी किया गया चौथा ऐसा अलर्ट था। दूतावास ने अफगानिस्तान में भारतीय नागरिकों के लिए वाणिज्यिक हवाई सेवाओं के माध्यम से घर लौटने की तत्काल व्यवस्था करने के आह्वान को दोहराया है। अपहरण के गंभीर खतरे के कारण गैर-जरूरी यात्रा से बचने की बात भी कही गई है। 

चेतावनी के बाद भी लोग जोखिम मोल ले रहे

भारतीय दूतावास के सलाहकार ने तीन भारतीय इंजीनियरों के मामले की ओर इशारा किया और कहा कि दूतावास की सलाह की अनदेखी करने वाले खुद को ‘खतरे‘ में डाल रहे हैं। हाल ही में एक ऐसा मामला जिसमें तीन भारतीय इंजीनियरों के लिए आपातकालीन हवाई बचाव की आवश्यकता थी, जो एक बांध परियोजना स्थल पर बने रहे, एक ऐसे क्षेत्र में जो सरकारी बलों के नियंत्रण में नहीं था। यह प्रकाश में आया है कि इस दूतावास की चेतावनी पर भारतीय नागरिक ध्यान नहीं दे रहे हैं और खुद की जान खतरे में डाल रहे। 

भारतीय दूतावास ने पिछली सुरक्षा सलाह में ‘‘सभी भारतीय नागरिकों को पूरी तरह से कदमों का पालन करने की आवश्यकता‘‘ को रेखांकित किया। इसने 16 जुलाई को सीमावर्ती शहर स्पिन बोल्डक में तालिबान द्वारा फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या का भी उल्लेख किया और कहा कि अफगानिस्तान का दौरा करने वाले भारतीय पत्रकारों को अतिरिक्त जोखिम का सामना करना पड़ा।

मीडिया के लोग भी सुरक्षा का विशेष ख्याल रखें

दूतावास ने भारतीय मीडिया के सदस्यों को ‘अफगानिस्तान के अंदर उनके ठहरने और आवाजाही के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी, जिसमें अफगानिस्तान आने से पहले साक्षात्कार और नियोजित कवरेज शामिल है‘। इसमें कहा गया है कि अफगानिस्तान की यात्रा करने वाले भारतीय पत्रकारों को अच्छी तरह से स्थापित सुरक्षा लॉजिस्टिक फर्मों की भी पहचान करनी चाहिए जो उनके ठहरने और आवाजाही की व्यवस्था कर सकें।

अफगानिस्तान में करीब 1500 भारतीय

सरकार द्वारा पिछले सप्ताह संसद में दी गई जानकारी के अनुसार अफगानिस्तान में करीब 1500 भारतीय नागरिक थे। अधिकारियों ने कहा कि यह आंकड़ा कम हुआ है क्योंकि हाल के दिनों में कई भारतीय लौटे हैं।
 

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