अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्हें उनके महाभियोग के दौरान काफी ‘‘कटु अनुभव’’ का सामना करना पड़ा। ट्रंप ने यह बात अमेरिकी सीनेट द्वारा उन्हें पद के दुरुपयोग और कांग्रेस (संसद) की कार्यवाही बाधित करने के आरोपों से बरी करने के बाद कही। 

वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्हें उनके महाभियोग के दौरान काफी ‘‘कटु अनुभव’’ का सामना करना पड़ा। ट्रंप ने यह बात अमेरिकी सीनेट द्वारा उन्हें पद के दुरुपयोग और कांग्रेस (संसद) की कार्यवाही बाधित करने के आरोपों से बरी करने के बाद कही।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

ट्रंप लगाया गया था महाभियोग

उन्होंने कहा कि उन्हें ‘‘बहुत धोखेबाज और भ्रष्ट व्यक्तियों के चलते कटु अनुभव का सामना करना पड़ा।’’उन्होंने कहा, ‘‘उन लोगों ने हमें नष्ट करने के लिए सब संभव प्रयास किए और ऐसा करके हमारे देश को नुकसान पहुंचाया।’’ ट्रंप ने कहा कि वह बाद में व्हाइट हाउस में एक बयान जारी करेंगे।

रिपब्लिकन की रोमनी ने अकेले किया था ट्रंप को दोषी ठहराने का वोट

उन्होंने कहा कि वह अपने इस दृढ़ निश्चय पर चर्चा करेंगे कि उनके महाभियोग के दौरान जो हुआ उसे ऐसे ही जारी नहीं रहने दिया जा सकता। ट्रंप ने परोक्ष तौर पर सीनेटर मिट रोमनी की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘मैं ऐसे लोगों को पसंद नहीं करता जो अपनी आस्था का इस्तेमाल उसे जायज ठहराने के लिए करते हैं जिसके बारे में पता है कि वह गलत है।’’ रोमनी एकमात्र ऐसे रिपब्लिकन हैं जिन्होंने राष्ट्रपति को दोषी ठहराने के लिए वोट किया। रोमनी ने सीनेट में अपने वोट को समझाने के लिए अपनी आस्था का उल्लेख किया।

ट्रंप ने कहा, ‘‘ना तो मैं ऐसे लोगों को स्वीकार करता हूं जो यह कहते हैं कि मैं आपके लिए प्रार्थना करता हूं, जब वे जानते हैं कि ऐसा नहीं है।’’ ट्रंप का इशारा परोक्ष तौर पर नैंसी पेलोसी की ओर था जिन्होंने कई मौकों पर कहा है कि वह राष्ट्रपति के लिए प्रार्थना करती हैं।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)