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पैगंबर मोहम्मद की विवादित कार्टून बनाने वाले की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, अलकायदा ने रखा था इनाम

पैगंबर मोहम्मद की विवादित कार्टून छापकर लार्स विल्क्स अचानक से पूरी दुनिया की नजरों में आए और कट्टरपंथियों को खटकने लगे। यह 2007 की घटना है। डेनमार्क के एक अखबार में वह कार्टून छपा तो पूरी दुनिया में हंगामा खड़ा हो गया। 

Cartoonist Lars Vilks killed in traffic collision, who made Prophet Muhammad Cartoon in a danish Newspaper
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Markaryd, First Published Oct 4, 2021, 5:57 PM IST
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मार्करीड। पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) की विवादित कार्टून बनाने वाले स्वीडिश कार्टूनिस्ट (Swedish Cartoonist) की एक हादसे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। हादसे में उनकी सुरक्षा में तैनात दो पुलिसवालों की भी जान चली गई है। स्वीडिश पुलिस (Swedish Police) इस मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक पूर्व के दो हमलों में कार्टूनिस्ट (Cartoonist) बाल बाल बच चुके थे। ऐसे में यह एक्सीडेंट साजिश भी हो सकती है। हालांकि, गाड़ी को टक्कर मारने वाले ट्रक का ड्राइवर भी झुलस गया है और उसका इलाज एक अस्पताल में चल रहा है। 

रविवार को स्वीडिश कार्टूनिस्ट लार्स विल्क्स (Lars Vilks) अपने घर से कहीं जा रहे थे। वह पुलिस की गाड़ी में निकले थे। दक्षिण स्वीडन के शहर मार्करीड (Markryd) में एक ट्रक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। दक्षिण स्वीडन पुलिस प्रमुख स्टीफन सिंटियस ने कहा कि इस मामले की जांच पुलिस इसलिए कर रही है क्योंकि लार्स विल्क्स पर पहले भी जानलेवा हमला हो चुका है। उन्होंने बताया कि 75 साल के लार्स विल्क्स रविवार को पुलिस के वाहन से कहीं जा रहे थे जब यह हादसा हुआ। उनका वाहन गलत दिशा में पलट गया और एक ट्रक से टकरा गया। इस दुर्घटना में दोनों वाहनों में आग लग गई। 

पहले भी दो बार हो चुका है हमला

पैगंबर मोहम्मद की विवादित कार्टून छापकर लार्स विल्क्स अचानक से पूरी दुनिया की नजरों में आए और कट्टरपंथियों को खटकने लगे। यह 2007 की घटना है। डेनमार्क के एक अखबार में वह कार्टून छपा तो पूरी दुनिया में हंगामा खड़ा हो गया। अलकायदा ने इन पर एक लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम तक रख दिया था। इसके बाद उन पर 2011 और 2015 दो बार हमले हुए लेकिन वह बाल-बाल बच गए। पहला हमला 2011 में पेनसिल्वेनिया में एक व्यक्ति ने किया था। फिर 2015 में लार्स विल्क्स डेनमार्क की राजधानी कोपहेगन के क्रुडटोंडेन कैफे में एक सभा में बंदूकधारी फायरिंग कर जान लेने की कोशिश की थी लेकिन वह बच गए थे।

 

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