ताइवान पर कब्जा करने की नीयत रखे चीन ने एक बार फिर अपनी दादागीरी दिखाई। उसके 7 लड़ाकू विमान गुरुवार को फिर ताइवान के लिए उड़े। G7 समूह ने चीन को शांति बनाए रखने की अपील की है, इसके बावजूद वो शांत नहीं बैठ रहा।

ताइपे. ताइवान ने फिर चीन पर उसके इलाके में घुसपैठ का आरोप लगाया है। यह पिछले एक महीने में छठवीं बार है, जब चीनी एयरफोर्स ने ताइवान के आसमान में सेंध मारी है। चीन एयरफोर्स के 7 फाइटर प्लेन ने गुरुवार को ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र यानी air defence identification zone (ADIZ) में उड़ान भरी।

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G7 की नसीहत से बौखलाया है चीन
हाल में G7 समूह के देशों की मीटिंग हुई थी। इसमें चीन को शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। रविवार को जारी बयान में कहा गया था कि ताइवान तलडमरूमध्य मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए। इस सलाह के बाद चीन बौखला गया था और उसने मंगलवार को ताइवान की ओर अपनी 28 लड़ाकू विमान भेज दिए थे। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की थी। बता दें कि पिछले एक साल से चीन के लड़ाकू विमान करीब रोज ताइवान की ओर उड़ान भर रहे हैं। लेकिन मंगलवार को उसने सबसे अधिक 28 विमान ताइवान की ओर भेजे थे। चीन ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है। साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने गुरुवार को जो 7 लड़ाकू विमान भेजे, उनमें 2 नए मॉडल J-16 लड़ाकू जेट, 4 पुराने मॉडल J-7 लड़ाकू विमान और एक Y-8 इलेक्ट्रिक विमान शामिल था।

ताइवान किया अमेरिका से रक्षा समझौता
चीन की दादागीरी से निपटने ताइवान ने अमेरिका से दो हथियार खरीदी अनुबंध (arms procurement contracts) किए हैं। इसके तहत उसे तोपों से युक्त अत्याधुनिक मिसाइलें (High Mobility Artillery Rocket Systems) और तटीय रक्षा प्रणाली से संबंधित उपकरण मिलना है। हालांकि इससे ताइवान और चीन में युद्ध की आशंका बढ़ जाएगी।

ताइवान पर कब्जा जमाना चाहता है चीन
करीब 24 मिलियन की आबादी वाला ताइवान खुद के पूर्ण संप्रभुता का दावा करता है। दोनों देश पिछले 7 दशकों से अलग हैं।