नई दिल्ली. उप भारतीय सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सैनी मंगलवार को चार दिवसीय अमेरिका दौरा पूरा कर भारत लौट आएं हैं। अमेरिका दौरे से आए उप प्रमुख ने अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के साथ कईं बैठकें की। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बेहतर करने और सैन्य सहयोग को बढ़ाने के मुद्दों पर भी चर्चा की। भारत-चीन सीमा विवाद के बीच भारत और अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच हुई इन बैठकों को रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सैनी 17 अक्टूबर को अमेरिका गए थे। 

सूत्रों के मुताबिक, अपनी यात्रा के आखिरी दिन जनरल सैनी ने अमेरिका के हवाई में हिंद-प्रशांत कमान मुख्यालय में 'सैन्य से सैन्य' जुड़ाव को आगे बढ़ाने, अमेरिका से खरीद, संयुक्त अभ्यास और क्षमता-निर्माण पर चर्चा की है। उनकी यात्रा का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा की अग्रिम चौकियों पर तैनात सैनिकों के लिए 'युद्धक किट' और अन्य खरीददारी से भी संबंधित था। इस दौरान सैनी ने अमेरिकी सैन्य नेतृत्व के साथ व्यापक रूप से विचारों का आदान-प्रदान भी किया। 

2+2 संवाद से पहले उप प्रमुख का दौरा

यह दौरा भारत और अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच तय 2+2 संवाद से पहले हो रहा है। इस यात्रा से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और रणनीतिक सहयोग के बढ़ने की संभावना है। आपको बता दें कि अगले सप्ताह भारत और अमेरिका के बीच 2+2 संवाद होना है। 

अगले सप्ताह भारत आएंगे अमेरिकी विदेश और रक्षामंत्री

2+2 संवाद के तहत 26 और 27 अक्टूबर को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भारत आएंगे। भारत की ओर से इस वार्ता की अगुवाई विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बनी सहमति के तहत पहला 2+2 संवाद सितंबर, 2018 में नई दिल्ली में आयोजित हुआ था। वहीं, दूसरा 2+2 संवाद साल 2019 के दिसंबर महीने में वाशिंगटन में आयोजित किया गया था।

अगले साल अमेरिका के साथ दो युद्धाभ्यास

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान लागू हुए लॉकडाउन और तमाम तरह की पाबंदियों के बावजूद भारत, अमेरिका के साथ दो संयुक्त सैन्य अभ्यासों में भागीदारी के साथ आगे बढ़ता नजर आ रहा है। इन संयुक्त अभ्यासों में से पहला ‘युद्ध अभ्यास’ फरवरी 2021 में होना है, जबकि दूसरा वज्र प्रहार मार्च, 2021 में आयोजित किया जाएगा।