मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र जांचकर्ता टोमस ओजिया क्विंटाना ने महासभा की मानवाधिकार समिति को बताया कि एक अनुमान के मुताबिक 140,000 बच्चे ‘कुपोषित’ हैं जिनमें से 30 हजार बच्चों का जीवन संकट में हैं।

संयुक्त राष्ट्र. उत्तर कोरिया में संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र जांचकर्ता ने मंगलवार को कहा कि उत्तर कोरिया में खाद्य असुरक्षा ‘चिंताजनक स्तर’ पर है और यहां की आधी आबादी यानी करीब एक करोड़ 10 लाख लोग कुपोषित हैं।

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मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र जांचकर्ता टोमस ओजिया क्विंटाना ने महासभा की मानवाधिकार समिति को बताया कि एक अनुमान के मुताबिक 140,000 बच्चे ‘कुपोषित’ हैं जिनमें से 30 हजार बच्चों का जीवन संकट में हैं।

क्विंटाना ने बताया कि नाकाम होती अर्थव्यवस्था और कृषि नीतियों के कारण सरकार मानवाधिकारों के प्रति अपने दायित्वों का स्वयं उल्लंघन कर रही है। जबकि सभी को भोजन उपलब्ध कराना सरकारी की पहली जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि जयवायु,गैर उपजाऊ भूमि, प्राकृतिक आपदाएं, और प्रतिबंधों के नकारात्मक प्रभावों ने खाद्य असुरक्षा को बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने साथ ही कहा कि तीन साल तैनाती के दौरान उन्होंने उत्तर कोरिया में मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार नहीं देखा है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)