इसे ग्लोबल वार्मिंग का असर कहें या बढ़ती गर्मी। पूरी दुनिया में हाल बेहाल है। हालात यह है कि विश्व भर में गर्मी बढ़ने से छतें पिघल रही हैं। सड़कें भी उखड़ रही हैं। पुलों को बचाने के लिए पन्नियों से ढंकने की जरूरत पड़ रही है।

नई दिल्ली. पिछले सप्ताह की भीषण गर्मी ने दुनियाभर में अजीबोगरीब परिवर्तन किए हैं। कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिन्हें देखकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। दुनियाभर के करोड़ों लोग अभी भी बढ़ते तापमान को झेलने पर मजबूर हैं। यदि हम बुनियादी ढांचे की बात करें तो कई पुरानी सड़कें, पुल, रेलमार्ग, भवन पर गर्मी का असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यह ग्लोबल वार्मिंग का असर है। 

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जब बंद करना पड़ा रनवे
बीते 18 जुलाई 2022 को बढ़े हुए तापमान के कारण रनवे का एक छोटा प्रभावित हुआ जिसकी वजह से ल्यूटन हवाई अड्डे पर सूर्यास्त के दौरा जेट विमान उतारा गया। यूनाइटेड किंगडम ने उस दिन सबसे ज्यादा गर्मी रिकार्ड की गई। वहां का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (104 फारेनहाइट) को पार कर गया। यह इतना गर्म था कि राजधानी के बाहरी इलाके में लंदन ल्यूटन हवाई अड्डे पर रनवे को बंद करना पड़ा क्योंकि वह गर्मी से पिघल गया था। हवाई अड्डे की ओर से ट्वीट किया गया कि रनवे की मरम्मत होने तक हवाई उड़ानें रोक दी गई हैं। पेन्सिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के अनुसार तापमान बढ़ने पर गर्मी की वजह से कंक्रीट व डामर में दरारें पड़ रही हैं। 

चीन की 64 फीसदी आबादी प्रभावित
गर्मी की इस भीषण लहर ने चीन के आधे हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। इस गर्मी की वजह से करीब 900 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। या यूं कहें कि करीब 64% आबादी गर्मी की चपेट में है। चीन के दो पूर्वोत्तर प्रांतों को छोड़कर सभी ने हाई ट्रेंपरेचर की चेतावनी जारी की गई है। चीन के 84 शहरों में पिछले सप्ताह सबसे ज्यादा गर्मी का स्तर रिकार्ड किया गया। चोगकिंग शहर में एक सांस्कृतिक अवशेष संग्रहालय की छत तक पिघल गई। यही कारण है पारंपरिक चीनी टाइल्स का प्रयोग भी बंद कर दिया गया है। 

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लंदन में ब्रिज बचाने की कोशिश
लंदन में हैमरस्मिथ ब्रिज ने अब तक देश में सबसे ज्यादा गर्मी की लहर का अनुभव किया है। ब्रिज को बचाने के लिए इसके चारों ओर पन्नियां लगाई गई हैं। आपको आश्चर्य हो सकता है कि पन्नी क्यों लगाई गई। यह तो अधिक गर्मी खिंचेगी। लेकिन यह पुल को ठंडा रखने का वैकल्पिक तरीका है। सूरज की सीधी किरणों से बचाने के लिए पुल को पन्नियों से ढंका गया ताकि ब्रिज में किसी तरह की दरार न पड़े। स्थानीय इंजीनियर 135 साल पुराने हैमरस्मिथ ब्रिज को अत्यधिक गर्म मौसम से बचाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

गर्मी से रेल की पटरियां प्रभावित
इस गर्मी की लहर का असर रेल की पटरियों पर भी पड़ा है। लंदन में ही कई रेल मार्ग गर्मी से टेढ़े हो गए हैं। इसकी पहचान के लिए प्रभावित रेल पटरियों को सफेद रंग से रंगा गया है। यूके रेल नेटवर्क ने ट्वीट किया कि तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से अधिक है। इसलिए हम रेल की पटरियों को गर्मी से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। एजेंसी ही यूके में रेल पटरियों को नियंत्रित करती है। 

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