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नया ईंधन! ट्रेन चलती है तो आसपास रेस्त्रां के किचन में बन रहे चटपटे व्यंजन की खुशबू जैसी फैल जाती है

इस नए ईंधन की कीमत डीजल के बराबर ही है। मगर यह तय हो गया है कि यह डीजल का एक ऑप्शन बनकर सामने आया है और उससे बेहतर तौर पर काम कर रहा है, जो पर्यावरण के लिए भी उम्दा है। 

Japan runs train on biodiesel made from used cooking oil and lard extracted from discarded ramen soup apa
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First Published Sep 11, 2022, 3:09 PM IST

ट्रेंडिंग न्यूज। जापान तकनीकों का देशों है। यहां अक्सर ऐसे-ऐसे अजीबो-गरीब आविष्कार होते हैं, जो पूरी दुनिया को हैरान कर देते हैं। इसी तकनीक और अद्भुत आविष्कारों की वजह से वह दुनियाभर में अपनी अलग पहचान रखता है और कई चीजों में बतौर लीडर आगे खड़ा रहता है। फिलहाल, जो उन्होंने कारनामा किया है वह भी चौंकाने वाला है। इस बार उन्होंने ईंधन को लेकर एक प्रयोग किया और यह न सिर्फ सफल रहा बल्कि, बेहद फायदेमंद भी साबित हो रहा है। 

दरअसल, इस बार जापान ने पर्यटकों के लिए चलने वाली एक ओपन-एयर ट्रेन को डीजल, कोयला या बिजली से नहीं बल्कि, इस्तेमाल किए जा चुके कुकिंग ऑयल यानी खाना पकाने वाले तेल से बने बॉयोडीज से चलाया है। यह ट्रेन एक निजी कंपनी द्वारा संचालित की जाती है, जिसका नाम ताकाचिहो अमेतरासु रेलवे कंपनी है। फिलहाल, इसका संचालन ताकाचिहो के मियाजाकी प्रांत के शहर में किया जाता है। 

ईंधन जिसे टोनकोत्सु या पोर्क बोन ब्रोथ, रेमन सूप से 9:1 के अनुपात में अलग-अलग रेस्त्रां से एकत्र किए गए मिक्सचर को छोड़े गए टेम्पुरा ऑयल में मिलाकर केमिकल के साथ रिफाइन किया जाता है। इस खास ईंधन को रेलवे कंपनी पर्यावरण के अनुकूल पहल के तौर पर देख रही है, जो जैव ईंधन का काम कर रही है। कंपनी जैव ईंधन को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास कर रही है और इसमें दिलचस्पी लेते रहती है। रेलवे कंपनी ने शिंगू के फुकुओका सिटी में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी निशिदा शॉन से संपर्क कर इस ईंधन को विकसित किया है। यह ईंधन बीते जून महीने में बनकर तैयार हो चुका था और रेलवे कंपनी ने इससे तभी टेस्ट रन शुरू कर दिया था। 

रेमन सूप पर भी चल सकती है टूरिस्ट ट्रेन यह चौंकाना वाली बात 
इसके परिणाम बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाले थे। इस खास ईंधन से ट्रेन का इंजन बड़े आराम से काम कर रहा था और ट्रेन को ऊंचाई पर या फिर ढलान पर चलने में कोई परेशानी नहीं हुई। इसने कोई काला धुंआ नहीं छोड़ा और निकलने वाली गैस से किसी तरह की तेज गंध भी नहीं आ रही है। हालांकि, इस नए ईंधन की कीमत डीजल के बराबर ही है। मगर यह तय हो गया है कि यह डीजल का एक ऑप्शन बनकर सामने आया है और उससे बेहतर तौर पर काम कर रहा है, जो पर्यावरण के लिए भी उम्दा है। कंपनी ने एक अगस्त से ट्रेन को इस ईंधन से चलाया और जब पहली बार इंजन शुरू हुआ, तो रेलवे प्लेटफॉर्म रेस्त्रां के किचन की मनमोहक सुगंध से भर गया। पर्यटकों का कहना है कि यह आश्चर्यजनक है कि एक दर्शनीय स्थलों की सैर कराने वाली टूरिस्ट ट्रेन रेमन सूप पर भी चल सकती है। 

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