मलेशिया में 47 साल पहले एक विमान दुर्घटना हुई थी। इसमें कई बड़े नेताओं की मौत हो गई थी। इस विमान दुर्घटना की जांच रिपोर्ट को अब सार्वजनिक किया गया है.

क्वालालंपुर: मलेशिया ने 1976 में हुई विमान दुर्घटना को लेकर एक रिपोर्ट को पेश की है। 47 साल पहले हुए इस विमान हादसे में देश के राजनेता मारे गए थे। रिपोर्ट में खुलासा कियाा गया है कि ऑस्ट्रेलियाई निर्मित टर्बोप्रॉप को ठीक से लोड किया गया था, जिससे पायलट नियंत्रण खो बैठा था और दुर्घटना हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान में कोई खराबी,तोड़फोड़, आग या विस्फोट होने का कोई सबूत नहीं था। गौरतलब है कि यह क्रैश रिपोर्ट 25 जनवरी, 1977 को तैयार की गई थी, जिसे अब सार्वजनिक किया गया है. इस रिपोर्ट में कई खुलासे किए गए हैं.21 पेज की रिपोर्ट के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त विामन को ऑस्ट्रेलिया की सरकारी एयरक्राफ्ट फैक्ट्रीज द्वारा बनाया गया था.

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जानकारी के मुताबिक हादसा उस समय हुआ था, जब विमान सबा राज्य की राजधानी कोटा किनाबालु में उतरने वाला था। विमान उतरने से पहले ही समुद्र तल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में विमान में सवार सभी 10 यात्रियों और पायलट की मौत हो गई थी। 6 जून 1976 की दुर्घटना को तारीख के कारण डबल सिक्स के रूप में जाना जाता है।

प्रधानमंत्री ने रिपोर्ट जारी करने को कहा
बता दें कि प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इस महीने की शुरुआत में पीड़ितों के रिश्तेदारों और जनता की मांग पर रिपोर्ट जारी करने के लिए कहा था। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं दी है कि इतने लंबे समय तक रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?

पायलट का रिकोर्ड खराब
क्रैश रिपोर्ट के मुताबिक कि सबा एयर विमान के 42 वर्षीय पायलट ने ड्रग्स या अल्कोहल का सेवन नहीं किया था। पायलट को उड़ान के दौरान पिछली लॉग बुक में से किसी चीज के जलने की सूचना मिली थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पायलट का ट्रेनिंग रिकॉर्ड खराब था। हालांकि, उड़ान के दौरान पायलट पूरी तरह से फिट था, लेकिन उसके थके होने और पेट की बीमारी के भी सबूत मिले हैं।

सह-पायलट की जगह यात्री सवार
रिपोर्ट के मुताबिक विमान में दो पायलटों की जगह थी, लेकिन उनमें से एक पायलवट को हटा दिया गया था, ताकि 10वां यात्री सह-पायलट की सीट पर जा सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि पायलट ने उड़ान भरते समय गलत लोडिंग डिटेल पर ध्यान नहीं दिया, जिससे गुरुत्वाकर्षण के केंद्र प्रभावित हुआ था।

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