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कश्मीर पर आंखें टेढ़ी करने वाला पाकिस्तान हो चुका है कंगाल, ये रहा उसकी बर्बादी का सबूत

कश्मीर पर भारत के फैसले के बाद से पाकिस्तान लगातार युद्ध की धमकी दे रहा है। गीदड़भभकी देने वालों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, राष्ट्रपति राशिद और सरकार के मंत्री भी शामिल हैं।

Pakistan economy is in bad condition, country outstanding debt was more than $85 billion in march
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New Delhi, First Published Aug 30, 2019, 2:20 PM IST
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इस्लामाबाद. कश्मीर पर भारत के फैसले के बाद से पाकिस्तान लगातार युद्ध की धमकी दे रहा है। गीदड़भभकी देने वालों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, राष्ट्रपति राशिद और सरकार के मंत्री भी शामिल हैं। उधर, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है। माना जा रहा है कि ऐसा करके वे पाकिस्तान की जनता का ध्यान आर्थिक स्थिति से भटका कर कश्मीर पर लाना चाहते हैं, जिससे इमरान सरकार की नाकामी उजागर न हो।

आतंकियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान लगातार कर्ज में डूबता जा रहा है। कंगाली की कगार पर पहुंचने के बावजूद देश चलाने के लिए वह लगातार और कर्ज ले रहा है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2019 तक पाकिस्तान पर 85 बिलियन डॉलर यानी 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज हो गया है।  

पाकिस्तान पर सबसे ज्यादा चीन का कर्ज
पाकिस्तान पर सबसे ज्यादा कर्ज चीन का है। इसके अलावा पाकिस्तान ने पश्चिमी यूरोप और मध्य पूर्व के देशों से भी काफी कर्ज ले रखा है। पाकिस्तान पर कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का भी कर्ज है। मई में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 6  बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज की मांग की थी। लेकिन आईएमएफ ने पाकिस्तान के सामने एक शर्त रखी है, जिसके मुताबिक, उसे तभी कर्ज मिलेगा जब राजस्व में 40% का इजाफा होगा। 

पाकिस्तान को तुरंत पॉलिसी बनाने की जरूरत : आईएमएफ
आईएमएफ द्वारा जुलाई में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पाक की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है। अगर पाक ने जल्द कोई पॉलिसी नहीं बनाई तो हालात और बदतर हो जाएंगे। दरअसल, पाकिस्तान में सरकारी कंपनियां नुकसान में चल रही हैं और बिजनेस में कोई निवेश नहीं कर रहा। 

ग्रोथ रेट और कम रहने का अनुमान
आईएमएफ के मुताबिक, पाकिस्तान का ग्रोथ रेट 2019-2020 में 3% रहने का अनुमान है। 2000-2015 तक अर्थव्यवस्था में ग्रोथ रेट 4.3 था। इसके अलावा यहां महंगाई भी 9% की दर से बढ़ रही है।

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