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संकटों से जूझ रहा पाकिस्तान, इन कारणों से आपातकाल लागू करने की ओर इमरान सरकार ने बढ़ाया कदम

पाकिस्तान में बेतहाशा महंगाई के कारण लोगों का गुस्सा चरम पर है और देश में विपक्षी दल इमरान सरकार को सत्ता से हटाने के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन संकटों के बीच पाकिस्तान में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि देश में सरकार आपातकाल लगा सकती है।

Pakistan's Prime Minister Imran Khan can implement emergency in the country
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Islamabad, First Published Nov 28, 2019, 10:09 AM IST
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इस्लामाबाद. आर्थिक व राजनीतिक संकटों से दो-दो हाथ कर रहे पाकिस्तान में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि देश में सरकार आपातकाल लगा सकती है। बताया जा रहा कि पाकिस्तान में बेतहाशा महंगाई के कारण लोगों का गुस्सा चरम पर है और देश में विपक्षी दल इमरान सरकार को सत्ता से हटाने के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन संकटों के बीच सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के सेवा विस्तार को लेकर विवाद पैदा हुआ है जिसने संकट को और बढ़ा दिया है। 

विपरित आया फैसला तो लग सकता है इमरजेंसी

पाकिस्तान की न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, 'द न्यूज' व 'जंग' ने अपनी रिपोर्ट में शीर्षस्थ सूत्रों के हवाले से कहा है कि सत्ता के शीर्ष पर मौजूद लोग इस बात पर विचार कर रहे हैं कि जनरल बाजवा के मामले में अगर किसी तरह का सरकार के विपरीत फैसला आता है तो इससे देश में पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आपातकाल लगाया जा सकता है।  रिपोर्ट में कहा गया है कि इन उच्चपदस्थ सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है, क्योंकि अधिकांश उच्च अधिकारी इस सुझाव के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि इससे हालात और बिगड़ेंगे और इनके पूरी तरह से हाथ से निकल जाने का खतरा पैदा हो जाएगा। लेकिन, अभी इसकी संभावना को पूरी तरह से खारिज भी नहीं किया गया है। 

अतीत से ले रहे सबक 

रिपोर्ट में कहा गया है कि आपातकाल लगाने का समर्थन करने वाले नेताओं का कहना है कि अतीत में आपातकाल लगाने के अच्छे नतीजे सामने आ चुके हैं। उनका कहना है कि कम समय के लिए आपातकाल को लगाया जाना नुकसानदेह नहीं होगा। इससे संवैधानिक संकट की स्थिति से निपटा जा सकेगा और समाज में किसी तरह की अशांति पर काबू पाकर सौहार्द के साथ लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा। 

इमरान खान ने बुलाई बैठक 

इस बीच पाकिस्तान बार काउंसिल ने सरकार के "असंवैधानिक कदम" का विरोध करने के लिए कल पूरे दिन की हड़ताल की घोषणा की। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक की। पाक मीडिया के मुताबिक, सरकार की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जताई गई आपत्तियों पर प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल को जानकारी दी। इस बैठक में सेना प्रमुख जनरल कमर अहमद बाजवा भी मौजूद थे। 

चुनाव कराए जाने की मांग

पाकिस्तान में विपक्षी दलों की ऑल पार्टी कांफ्रेंस ने बिनी किसी हस्तक्षेप वाले ताजा संसदीय चुनाव की मांग दोहराई है। हाल में इमरान सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके जमीयते उलेमा ए इस्लाम-फजल के नेता मौलाना फजलुर रहमान के नेतृत्व में देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं की मंगलवार को हुई बैठक में यह मांग दोहराई गई।  बैठक के बाद रहमान ने कहा कि विपक्षी दलों की एपीसी का मानना है कि देश के सामने मौजूद सभी समस्याओं का समाधान मौजूदा सरकार का खात्मा और नए आम चुनाव हैं।  उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की मांग है कि देश में फिर से आम चुनाव कराया जाए जिसमें सेना की किसी तरह की भूमिका न हो। 

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