यूक्रेन पर रूस ने हमला कर दिया है। रूस की इस कार्रवाई की दुनियाभर में निंदा हो रही है। रूस के हमले पर कई राष्ट्र प्रमुखों ने प्रतक्रिया दी है। आइए जानते हैं किसने क्या कहा... 

वर्ल्ड डेस्क : रूस ने यूक्रेन के खिलाफ जंग का एलान कर दिया है। रूस के इस कदम की कई देशों ने निंदा की है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने कहा कि रूस ने विनाश का रास्ता चुना है। वहीं यूरोपीय संघ ने कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस जंग के लिए मॉस्को जिम्मेदार है। वहीं अमेरिकी के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि इस जंग के लिए दुनिया को रूस को जिम्मेदार ठहराएगी।

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विनाश के रास्त पर रूस-बोरिस जॉनसन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्वीट कर लिखा कि मैं यूक्रेन में भयावह घटनाओं से स्तब्ध हूं और मैंने अगले कदमों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बात की है। राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन पर इस अकारण हमले की शुरुआत करके रक्तपात और विनाश का रास्ता चुना है। यूके और हमारे सहयोगी निर्णायक जवाब देंगे। 

जंग के लिए मॉस्को जिम्मेदार-यूरोपीय संघ
यूरोपीय संघ का कहना है कि वह मास्को को जवाबदेह ठहराएगा. आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे यूक्रेन पर अन्यायपूर्ण" हमला करार दिया है। उन्होंने ट्विटर पर कहा, कि हमारी संवेदनाएं यूक्रेन और निर्दोष महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के साथ हैं, क्योंकि वे इस अकारण हमले और अपने जीवन के लिए भय का सामना कर रहे हैं।"

बाइडेन बोले- दुनिया रूस को जवाबदेह ठहराएगी
रूस के यूक्रेन के खिलाफ जंग के एलान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होने रूस को कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि दुनिया रूस को जवाबदेह ठहराएगी।

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यह है विवाद की वजह
रूस यूक्रेन की नाटो की सदस्यता का विरोध कर रहा है। लेकिन यूक्रेन की समस्या है कि उसे या तो अमेरिका के साथ होना पड़ेगा या फिर सोवियत संघ जैसे पुराने दौर में लौटना होगा। दोनों सेनाओं के बीच 20-45 किमी की दूरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पहले ही रूस को चेता चुके थे कि अगर उसने यूक्रेन पर हमला किया, तो नतीजे गंभीर होंगे। दूसरी तरफ यूक्रेन भी झुकने को तैयार नहीं था। उसके सैनिकों को नाटो की सेनाएं ट्रेनिंग दे रही हैं। अमेरिका को डर है कि अगर रूस से यूक्रेन पर कब्जा कर लिया, तो वो उत्तरी यूरोप की महाशक्ति बनकर उभर आएगा। इससे चीन को शह मिलेगी। यानी वो ताइवान पर कब्जा कर लेगा।

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