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ईरान के चरमपंथी गुट IRGC से प्रभावित है रश्दी का हमलावर 24 साल का हादी मतार, पढ़िए 25 चौंकाने वाले फैक्ट्स

भारतीय मूल के प्रसिद्ध लेखक सलमान रश्दी पर शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक प्रोग्राम के दौरान हुए जानलेवा हमले की दुनियाभर चर्चा और निंदा हो रही है। 24 वर्षीय हमलावर इस्लामिक कट्टरपंथ से प्रेरित है। पढ़िए 25 बड़े फैक्ट्स

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New Delhi, First Published Aug 13, 2022, 1:15 PM IST

वर्ल्ड न्यूज.भारतीय मूल के प्रसिद्ध लेखक सलमान रश्दी (Salman Rushdie) पर शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक प्रोग्राम के दौरान चाकू से किए गए जानलेवा हमले के बाद इस्लामिक कट्टरवाद फिर से चर्चा में है। एक चश्मदीद के अनुसार, हमलावर 10 से 15 बार छुरे से रश्दी पर हमला करते दिखे। सोशल मीडिया पर पोस्ट के अनुसार हमलावर हादी मतार (Hadi Matar) शिया चरमपंथ और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) से प्रभावित है। हालांकि मतार और IRGC के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। जांचकर्ताओं को कथित तौर पर मातर से संबंधित एक सेल फोन मैसेजिंग ऐप में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की तस्वीरें मिलीं, जिनकी 2020 में हत्या कर दी गई थी। पढ़िए रश्दी मामले से जुड़े 20 महत्वपूर्ण फैक्ट्स

पढ़िए सलमान रश्दी से जुड़ा पूरा इतिहास
1.
भारतीय मूल के एक ब्रिटिश नागरिक सलमान रश्दी पिछले 20 वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं। रुश्दी को उनकी1988 में पब्लिश किताब द सैटेनिक वर्सेज को लेकर दशकों से धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

2. पुलिस को घटनास्थल पर एक बैग था मिला, जिसमे कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी था। 24 साल का हादी मतार फेयरव्यू, न्यू जर्सी(Fairview, New Jersey) का रहने वाला हैं। अधिकारी अभी भी मतार की राष्ट्रीयता और उसके आपराधिक रिकॉर्ड (यदि कोई हो)  की जांच कर रहे हैं।

3. 12 फरवरी, 1989: पाकिस्तानी शहर इस्लामाबाद में पुलिस और भीड़ में शामिल बंदूकधारियों के बीच हुई गोलीबारी में कम से कम छह लोग मारे गए थे। ये लोग अमेरिका में उपन्यास की बिक्री होने को लेकर विरोध कर रहे थे।

4. 14 फरवरी, 1989:  खुमैनी ने सभी मुसलमानों से रश्दी को मारने का आह्वान करते हुए फतवा जारी किया।

5. 24 फरवरी, 1989: मुंबई में ब्रिटिश हाईकमिशन पर मार्च कर रहे 10,000 प्रदर्शनकारियों की भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने गोलीबारी में 12 लोग मारे गए थे।

6. 27 मई, 1989: ब्रिटिश संसद के बाहर 30,000 मुस्लिम प्रदर्शनकारियों के प्रदर्शन के दौरान ईरानी V/s  इराकी समर्थक गुटों में झड़प।

7. 14 सितंबर, 1989: ब्रिटेन में उन किताबों की दुकानों के बाहर 4 बम लगाए गए, जिसका स्वामित्व "द सैटेनिक वर्सेज" के प्रकाशक पेंगुइन के पास है।

8. 3 जुलाई, 1991: द सैटेनिक वर्सेज के इतालवी अनुवादक एटोर कैप्रियोलो को उनके मिलान फ्लैट में एक व्यक्ति ने चाकू से हमला किया था। वो खुद को ईरानी बताता था।

9. 12 जुलाई 1991: टोक्यो में जापानी अनुवादक हितोशी इगारशी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।

10.7 सितंबर, 1995: छह साल तक पुलिस सुरक्षा और सुरक्षित घरों में रहने के बाद रश्दी फतवा जारी होने के बाद से अपनी पहली पूर्व-घोषित सार्वजनिक उपस्थिति में लंदन में दिखाई दिए।

11. 12 फरवरी, 1997: पहली बार इनाम देने के आठ साल बाद ईरानी क्रांतिकारी 15वें खोरदाद फाउंडेशन ने रश्दी के सिर पर इनाम को बढ़ाकर 2.5 मिलियन डॉलर कर दिया।

12. 22 सितंबर, 1998: ईरानी राष्ट्रपति मोहम्मद खतामी ने कहा कि रश्दी मामला पूरी तरह से समाप्त हो गया है।

13, 28 सितंबर, 1998: ईरानी मीडिया का कहना है कि तीन ईरानी मौलवियों ने इस्लामिक अनुयायियों से फतवे के तहत रश्दी को मारने का आह्वान किया है।

14. 4 अक्टूबर, 1998: ईरानी संसद के लगभग 160 सदस्यों ने कहा कि रश्दी के खिलाफ मौत का फरमान वैध है।

15. 10 अक्टूबर, 1998: एक कट्टर ईरानी छात्र समूह ने रश्दी के सिर पर एक अरब रियाल (तब 333,000 डॉलर) का इनाम रखा।

16. 12 अक्टूबर, 1998: राज्य से जुड़े ईरानी धार्मिक फाउंडेशन ने अपने 2.5 मिलियन डॉलर के इनाम में 300,000 डॉलर की बढ़ोतरी की।

18. 3 फरवरी, 1999: मुंबई में जन्मे रश्दी को भारत सरकार ने उन्हें देश का दौरा करने के लिए वीजा दिया, जिसके बाद मुसलमानों ने विरोध शुरू कर दिया।

19. 15 जून, 2007: रश्दी को साहित्य की सेवाओं के लिए ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वारा नाइटहुड से सम्मानित किया गया। लेकिन पाकिस्तान और ईरान ने राजनयिक विरोध किया।

20. 20 जनवरी, 2012: रश्दी ने कुछ भारतीय मुस्लिम समूहों के विरोध के बाद जयपुर में एक प्रमुख साहित्य उत्सव में भाग लेने की योजना कैंसल कर दी।

21. 16 सितंबर, 2012: ईरानी धार्मिक फाउंडेशन ने रश्दी की हत्या के लिए अपना इनाम बढ़ाकर 33 लाख डॉलर कर दिया।

22.  20 जून, 2014: रश्दी ने भाषण की स्वतंत्रता के लिए अपने समर्थन के लिए वार्षिक पेन/पिंटर पुरस्कार जीता।

23. 22 फरवरी, 2016: ईरानी सरकारी मीडिया ने रश्दी की हत्या के लिए इनाम में 600,000 डॉलर जोड़े।

24. 1 जून, 2022: ब्रिटिश महारानी के वार्षिक जन्मदिन सम्मान में रश्दी को कंपेनियन ऑफ ऑनर बनाया गया।

25. 12 अगस्त, 2022: पश्चिमी न्यूयॉर्क राज्य के चौटाउक्वा में एक साहित्यिक कार्यक्रम में मंच पर रुश्दी पर हमला( literary event in Chautauqua, western New York state) किया गया, और इलाज के लिए उन्हें हेलीकॉप्टर से स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।

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