
7 November 2026 Ka Panchang: 7 नवंबर, शनिवार को छोटी दिवाली, नरक चतुर्दशी और काली चौदस का पर्व मनाया जाएगा। इसे रूप चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन घरों में दीप जलाने के साथ विशेष पूजा-पाठ करने की परंपरा है। ज्योतिष के अनुसार, शनिवार को चंद्रमा राशि परिवर्तन करेगा। साथ ही ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति से कुछ शुभ और अशुभ योग भी बनेंगे। आइए जानते हैं 7 नवंबर के शुभ मुहूर्त, पूजा का समय, राहुकाल और दिनभर का पंचांग।
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7 नवंबर, शनिवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। इसी दिन रूप चतुर्दशी, नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाएगा। ग्रहों और नक्षत्रों के मेल से इस दिन प्रीति, आयुष्मान, काण और सिद्धि नाम के 4 योग बनेंगे।
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- सुबह 08:02 से 09:25 तक
- दोपहर 11:48 से 12:32 तक (अभिजीत मुहूर्त)
- दोपहर 12:10 से 01:33 तक
- दोपहर 02:56 से शाम 04:18 तक
- रात 08:56 से 10:33 तक
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काली चौदस पर रात के समय निशिथ काल में देवी काली की पूजा करने की परंपरा है। इस बार 7 नवंबर को काली चौदस मनाई जाएगी। देवी काली की पूजा के लिए रात 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक का समय शुभ रहेगा।
शनिवार को चंद्रमा कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेगा। बाकी ग्रहों की स्थिति की बात करें तो गुरु और केतु सिंह राशि में रहेंगे। मंगल कर्क, शनि मीन, सूर्य और बुध तुला, राहु कुंभ और शुक्र कन्या राशि में स्थित रहेंगे।
दिशा शूल के अनुसार, शनिवार को पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर किसी जरूरी काम से इस दिशा में जाना पड़े तो घर से निकलने से पहले अदरक, उड़द या तिल का सेवन कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से यात्रा में आने वाली परेशानियां कम होती हैं।
शनिवार को राहुकाल सुबह 09 बजकर 25 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल के दौरान कोई भी नया या शुभ काम शुरू करने से बचना चाहिए।
- विक्रम संवत – 2083
- मास – कार्तिक
- पक्ष – कृष्ण
- दिन – शनिवार
- ऋतु – शरद
- नक्षत्र – चित्रा और स्वाती
- करण – वणिज और विष्टि
- सूर्योदय – सुबह 6:39 बजे
- सूर्यास्त – शाम 5:41 बजे
- चंद्रोदय – सुबह 4:39 बजे
- चंद्रास्त – शाम 4:18 बजे
इस दिन कुछ ऐसे समय भी रहेंगे, जिनमें शुभ काम करने से बचने की सलाह दी जाती है। इनका समय इस प्रकार है—
- यमगण्ड – दोपहर 1:33 से 2:56 बजे तक
- कुलिक – सुबह 6:39 से 8:02 बजे तक
- दुर्मुहूर्त – सुबह 8:07 से 8:51 बजे तक
- वर्ज्यम् – दोपहर 1:06 से 2:47 बजे तक
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।