
ऑटो डेस्क। दुनिया की तमाम बड़ी ऑटो कंपनियां सेमी-कंडक्टर (Semi Conductor) की कमी की परेशानी से जूझ रही हैं। यह एक छोटी-सी चिप है, जिसका कारों में इस्तेमाल किया जाता है। इस चिप की कमी की वजह से फोर्ड (Ford) ने चेन्नई स्थित अपना प्लान्ट एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया है। चिप की कमी से दुनिया की तमाम बड़ी ऑटो कंपनियों के सामने प्रोडक्शन बंद कर देने की नौबत आ गई है। फोर्ड ने जर्मनी के भी अपने एक प्लान्ट को 19 फरवरी तक के लिए बंद कर दिया है, जहां यूरोप की बेहद पॉपुलर कार 'फोकस' (Focus) का उत्पादन होता है। सार्लोइस स्थित इस प्लान्ट में करीब 5 हजार कर्मचारी काम करते हैं।
क्यों हुई सेमी-कंडक्टर की कमी
बताया जा रहा है कि कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) के दौरान दुनियाभर में कारों की बिक्री में कमी आ गई। इसके साथ ही गैजेट्स की मांग बढ़ गई। गैजेट्स में भी सेमी कंडक्टर चिप का काफी इस्तेमाल होता है। इसलिए चिप बनाने वाली कंपनियों ने इनकी सप्लाई स्मार्टफोन, लैपटॉप, गेमिंग कंसोल और दूसरे गैजेट बनाने वाली कंपनियों को करनी शुरू कर दी। हालांकि, चिप निर्माता कंपनियां ऑटो कंपनियों को भी चिप की सप्लाई कर रही हैं, लेकिन यह उनकी जरूरतों को देखते हुए काफी कम है।
कई कार कंपनियों का उत्पादन हुआ कम
चिप यानी सेमी-कंडक्टर की कमी की वजह से लग्जरी कार बनाने वाली कंपनी ऑडी (Audi) के जर्मनी और मेक्सिको स्थित प्लान्ट में उत्पादन कम हो गया है। कंपनी ने अपने 10 हजार कर्मचारियों को कुछ समय के लिए छुट्टी दे दी है। वहीं, फिएट क्रिस्लर (Fiat Chrysler) ने मेक्सिको स्थित अपने प्लान्ट को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है। टोयोटा (Toyota) ने भी चीन के ग्वांगझू स्थित प्लान्ट को कुछ समय के लिए बंद किया है। निसान (Nissan), होंडा (Honda) और हुंडई (Hyundai) जैसी कंपनियां सेमी-कंडक्टर की सप्लाई के हिसाब से अपने प्रोडक्शन को कम करने पर मजबूर हुई हैं। कमोबेश सेमी-कंडक्टर की कमी की परेशानी से सभी ऑटो कंपनियां जूझ रही हैं।
चीन में हालत ज्यादा बुरी
जानकारी के मुताबिक, सेमी-कंडक्टर चिप की कमी के चलते हर जगह ऑटो इंडस्ट्री प्रभावित होगी, लेकिन चीन में हालत सबसे ज्यादा खराब है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में साल की पहली तिमाही में 2.5 लाख कम गाड़ियों का उत्पादन होगा। भारत में भी कारों का उत्पादन प्रभावित होगा। चिप के एक प्रमुख सप्लायर ताइवान सेमी-कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) का कहना है कि वह इस संकट को कम करने के लिए ऑटो कंपनियों से बात कर रही है।
क्यों नहीं बढ़ रहा सेमी-कंडक्टर का उत्पादन
सेमी-कंडक्टर का इस्तेमाल कारों में उनके फीचर्स के मुताबिक ज्यादा होता है। सेमी-कंडक्टर बनाने वाली कंपनियों ने अपने उत्पादन को बढ़ाया है, लेकिन इनकी ज्यादा सप्लाई टेक और गैजेट कंपनियों को की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, साल 2016 से 2020 के बीच सेमी-कंडक्टर का उत्पादन 5.8 फीसदी की दर से बढ़ा है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि साल 2022 तक सेमी-कंडक्टर का बाजार 48.78 बिलियन डॉलर (करीब 3.56 लाख करोड़ रुपए) का हो जाएगा। सेमी-कंडक्टर की डिमांड ज्यादा होने से कंपनियां इनका उत्पादन और सप्लाई बहुत तेजी से नहीं कर पा रही हैं।
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