
नई दिल्लीः टेस्ला के सीईओ एलन मस्क पहली बार गुरुवार को ट्विटर के कर्मचारियों से बातचीत (Elon Musk conversation With Twitter Employees) करेंगे। उन्होंने अप्रैल में ट्विटर को 44 अरब डॉलर में खरीदने की पेशकश की थी। ट्विटर ने मंगलवार को यह जानकारी दी। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के अनुसार ट्विटर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पराग अग्रवाल ने सोमवार को एक ई-मेल में कर्मचारियों के साथ बैठक की जानकारी दी है। उन्होंने इस ईमेल में कहा कि कर्मचारी मस्क से पूछने के लिए पहले से सवाल दे सकते हैं।
एलन मस्क और ट्विटर के बीच चल रहा था विवाद
स्ला के सीईओ मस्क ने इस साल अप्रैल में ट्विटर को खरीदने का पूरा मन बना लिया था। फर्जी और नकली खातों की संख्या को लेकर कई बार कंपनी के साथ विवाद के बाद उन्होंने खरीद समझौते को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि क्या इस सप्ताह की बैठक से दोनों पक्ष इस मुद्दे को सुलझाने के करीब आ गए हैं या नहीं। मस्क ने जब ट्विटर को खरीदने की घोषणा की थी, तब वॉल स्ट्रीट पर सोशल मीडिया कंपनी के शेयर का भाव 54.20 प्रति डॉलर था। जबकि वर्तमान में कंपनी के शेयर की कीमतों में काफी गिरावट आ गई है।
गुरुवार सुबह होगी बैठक
मस्क-ट्विटर डील और इस सोशल मीडिया साइट के फर्जी व नकली खातों की संख्या को लेकर लंबे समय से गतिरोध कायम है। ट्विटर के स्टाफ में भी मस्क को लेकर कई तरह के संदेह हैं। कई कर्मचारियों ने डील का विरोध भी किया था। ऐसे में इस वर्चुअल मीटिंग के आयोजन से संभवत: मस्क इन संदेहों को दूर कर डील को लेकर कई बातों का खुलासा कर सकते हैं। ट्विटर डील से जुड़े सूत्रों के अनुसार अप्रैल अंत में 44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदने के एलान के बाद यह पहला मौका है जब टेस्ला के सीईओ यह बैठक करेंगे। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मस्क इस सप्ताह ट्विटर के स्टाफ को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक अमेरिकी समयानुसार गुरुवार सुबह होगी।
सीईओ ने ट्विटर में किए कई बदलाव
मस्क द्वारा खरीदने के प्रस्ताव के बाद इसके सीईओ पराग अग्रवाल ने भी ट्विटर में कई बदलाव किए हैं। उन्होंने खरीदी सौदे के एलान के बाद से कंपनी की लागत में कटौती के भी कई उपायों की घोषणा की। मस्क ट्विटर के स्पैम अकाउंट का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं। पिछले दिनों ही उन्होंने सवाल किया था कि क्या ट्विटर का यूजर बेस यानी उपयोगकर्ताओं की संख्या असल में उसके दावे जितना बड़ा है? लगता है कि ट्विटर के वास्तविक यूजर्स की संख्या जानना एक बड़ी समस्या है।
दी थी करार रद्द करने की चेतावनी
इस समस्या को लेकर मस्क ने पिछले दिनों ट्विटर को चेतावनी तक दे दी थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें फर्जी या नकली ट्विटर अकाउंट्स का विस्तृत डाटा मुहैया नहीं कराया गया तो वे इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की खरीद के लिए हुई 44 अरब डॉलर के करार को रद्द कर सकते हैं। अप्रैल में डील के बाद उन्होंने मई में एक ट्वीट कर सौदे को स्थगित करने की बात बताई थी। इसके पीछे उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी या स्पैम अकाउंट्स की लंबित जानकारी को कारण बताया है। मस्क ने कहा था कि यह गणना बताती है कि प्लेटफॉर्म पर फर्जी या स्पैम अकाउंट्स की संख्या पांच फीसदी से कम है। इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया। इसमें उन्होंने कहा था कि वे अब भी सौदे के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि स्पैम एवं फर्जी खातों से जुड़ा ब्योरा इस सौदे को कायम रखने में कितनी बड़ी जोखिम है। ट्विटर में पारदर्शिता की पुरजोर वकालत करने वाले मस्क शुरू से ही इस सोशल मीडिया मंच को फर्जी खातों से मुक्त करने की बात करते रहे हैं।
मस्क के खिलाफ हुआ था केस
इससे पहले ट्विटर के शेयरहोल्डर्स ने एलन मस्क पर मुकदमा भी किया था। शेयरहोल्डर्स का आरोप है कि मस्क की वजह से शेयर की कीमत लगातार घट रही है। मस्क पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर शेयर की कीमतें कम की हैं, ताकि 44 अरब डॉलर की डील से उन्हें राहत मिले और ट्विटर की नई कीमत लगाई जाए। एलन मस्क पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इस सौदे को लेकर कई सारे संदेह पैदा करने वाले बयान दिए हैं।
यह भी पढ़ें- भारत में जल्द शुरू होगी 5G सर्विस- 1 सेकेंड में डाउनलोड कर सकेंगे 5GB की फिल्म, स्पेक्ट्रम की होगी नीलामी
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News