
नई दिल्ली। रुईया परिवार के एस्सार समूह अपने ऊपर बकाया कर्ज 70 प्रतिशत कम कर 12 हजार करोड़ रुपये के आस पर करने की योजना पर चल रहा है। पेट्रोलियम और इस्पात इकाइयों की बिक्री के बाद समूह अपने व्यवसाय का पुनर्गठित कर के प्रयास में है।
समूह पर 2016-17 में 1.83 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ा हुआ था। तीन साल में यह 1.40 लाख करोड़ रुपये घट कर अब करीब 42 हजार करोड़ रुपये रह गया है। इसे 12 हजार करोड़ रुपये तक लाने की योजना है। कंपनी ने नीति निर्माताओं तथा सरकारी अधिकारियों को भेजे ईमेल में इसकी जानकारी दी है।
कारोबार में 60 प्रतिशत से ज्यादा का कर्ज
कंपनी ने कहा कि बिजली कारोबार में 60 प्रतिशत से अधिक यानी 12 हजार करोड़ रुपये का कर्ज उतारने तथा दूसरे प्रकार के कारोबार में कर्ज में इसी तरह की कमी से उस पर दीर्घकालिक कर्जों का बोझ समाप्त हो जाएगा। इसके बाद जो कर्ज बचेंगे वो परिचालन कर रही इकाइयों के होंगे।
समूह ने कहा कि वह मौजूदा पोर्टफोलियो में वृद्धि के साथ ही वृद्धि के एक नये चरण के लिये तैयार है। कंपनी ने कच्चा तेल परिशोधन कारोबार रूस की कंपनी रोसनेफ्ट को बेच दिया है। इसके अलावा कंपनी का इस्पात कारोबार दिवाला एवं ऋण समाधान प्रक्रिया के जरिये उसके हाथों से निकल चुका है।
2019 में 94 हजार करोड़ थी आय
अभी कंपनी देश व विदेश में तेल एवं गैस, बंदरगाह, बिजली, नौवहन और खनन क्षेत्र में कारोबार कर रही है। समूह का मौजूदा कारोबार करीब एक लाख करोड़ रुपये बताया जा रहा है। कंपनी ने ईमेल में बताया कि कारोबार से उसकी आय 2018-19 में 94 हजार करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष में यह 98 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। इसे 2020-21 में 1.01 लाख करोड़ रुपये और 2021-22 में 1.04 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
कंपनी ने कहा कि पिछले कुछ साल में उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है लेकिन इससे विश्वस्तरीय संपत्तियों के सृजन की राह में कोई बाधा नहीं आ सकी है।
(ये खबर पीटीआई/भाषा की है। हिन्दी एशियानेट न्यूज ने सिर्फ हेडिंग में बदलाव किया है।)
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