
बिजनेस डेस्क: कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आम टैक्सपेयर्स और बिजनेसमैन को बड़ी खुशखबरी दी है। दरअसल, देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से आर्थिक तंगी से जूझ रहे देशवासियों और कारोबारियों को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने आयकर विभाग से तुरंत 5 लाख रुपये तक के टैक्स रिफंड को जारी करने का आदेश दिया है।
वित्त मंत्रालय के बुधवार के एक बयान के मुताबिक इस तरह से कुल करीब 18 हजार करोड़ रुपए के रिफंड जारी किए जाएंगे। गौरतलब है कि देशभर में अब तक 5,000 से ज्यादा लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो चुके हैं। बुधवार तक 173 लोगों की इस संक्रमण से जान चली गई है। इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने जीएसटी और कस्टम के टैक्स रिफंड भी जारी करने का आदेश दिया है। इससे 1 लाख बिजनेसमैन और MSME को राहत मिलेगी।
क्या है रिफंड?
दरअसल कंपनी अपने कर्मचारियों को सालभर का वेतन देने के दौरान उनके वेतन में से अनुमानित टैक्स काट के सरकार के खाते में जमा कर देती है। इसके बाद साल के आखिर मैं कर्मचारी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं जिसमें वे टैक्स के रूप में अपनी देनदारी बताते हैं। अगर वास्तविक देनदारी पहले काट लिए गए टैक्स की रकम से कम है, तो बची हुई राशि रिफंड के रूप में कर्मचारी को मिलती है।
क्या होती है रिफंड की प्रक्रिया?
रिफंड लेने के लिए कर्मचारी को कारोबारी साल खत्म होने के बाद रिटर्न दाखिल करना होता है। कर्मचारियों को रिटर्न में बताना होता है कि वह कितने रिफंड का हकदार है। यदि उसका दावा सही होता है, तो रिफंड की राशि टैक्स विभाग सीधे उसके खाते में डाल देता है।
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