Online FIR Filing: अगर कोई आपराधिक घटना हो जाए तो थाना जाकर FIR दर्ज कराना होता है ताकि पुलिस मामले की जांच कर सके। कई बार यह काम मुश्किल होता है। आप घर बैठे ऑनलाइन FIR दर्ज करा सकते हैं। जानें कैसे...
How to File Online FIR: बाइक चोरी हो जाए या मोबाइल या कोई और घटना पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराना कई बार मुश्किल हो जाता है। आज के डिजिटल युग में भारत में FIR (First Information Report) दर्ज करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। पुलिस स्टेशन जाकर FIR दर्ज करने की पारंपरिक प्रक्रिया अब कई राज्यों में पुलिस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकती है। आइए जानते हैं कैसे आप घर बैठे ऑनलाइन FIR दर्ज करा सकते हैं।
FIR एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जिसे पुलिस तब तैयार करती है जब उन्हें किसी संज्ञेय अपराध के घटित होने की सूचना मिलती है। यह आपराधिक जांच शुरू करने में पहला कदम होता है। एक बार FIR दर्ज हो जाने के बाद पुलिस मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने के लिए बाध्य होती है।
1. सुविधा: आपको FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। घर बैठे ही आप FIR दर्ज कर सकते हैं।
2. समय की बचत: ऑनलाइन FIR दर्ज कराना आसान होने के साथ ही कम समय लेने वाला है। आप चंद मिनटों में यह काम कर सकते हैं। इससे कागजी कार्रवाई भी कम करनी पड़ती है।
3. पारदर्शिता: ऑनलाइन फाइलिंग से यह सुनिश्चित होता है कि FIR तुरंत दर्ज हो जाए, जिससे देरी या अनदेखी का जोखिम कम हो जाता है।
4. ट्रैकिंग: आप अपनी FIR की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। इससे आपके मामले की प्रगति के बारे में बेहतर जानकारी मिलती है।
1. राज्य पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: भारत में प्रत्येक राज्य की अपनी पुलिस विभाग की वेबसाइट है। आप इन पोर्टल के माध्यम से FIR फाइलिंग सेक्शन तक पहुंच सकते हैं। यहां कुछ प्रमुख पोर्टल दिए गए हैं:
राज्य | ऑनलाइन पुलिस शिकायत/FIR पोर्टल | |
1 | नई दिल्ली | https://delhipolice.gov.in/ |
2 | उत्तर प्रदेश | https://uppolice.gov.in/ |
3 | हरियाणा | https://haryanapoliceonline.gov.in/Login |
4 | राजस्थान | https://police.rajasthan.gov.in/citizen/login.htm |
5 | महाराष्ट्र | https://citizen.mahapolice.gov.in/Citizen/MH/index.aspx |
6 | मध्य प्रदेश | https://www.mppolice.gov.in/en/complaint-0 |
7 | गुजरात | https://gujhome.gujarat.gov.in/portal/webHP |
8 | तमिलनाडु | https://eservices.tnpolice.gov.in/CCTNSNICSDC/Index?0 |
9 | हिमाचल प्रदेश | https://citizenportal.hppolice.gov.in/citizen/login.htm |
10 | बिहार | biharpolice.in/OnLineRegisterComplaint.aspx |
11 | झारखंड | https://jofs.jhpolice.gov.in/ |
2. रजिस्टर/लॉगिन: अधिकांश राज्य पोर्टलों पर आपको एक खाता बनाने या मौजूदा खाते में लॉग इन करने की आवश्यकता होती है। इससे आपको FIR ट्रैक करने और अपडेट पाने में मदद मिलती है।
3. FIR सेक्शन पर जाएं: पुलिस के पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद "Lodge FIR" या "Report a Crime" सेक्शन देखें। यह आमतौर पर होमपेज पर प्रमुखता से दिखाया जाता है।
4. अपने और घटना के बारे में जानकारी दें
5. सहायक दस्तावेज अपलोड करें: यदि आपके पास अपराध से संबंधित कोई सबूत है, जैसे कि फोटो, वीडियो या दस्तावेज तो आप उन्हें अपलोड करें।
6. FIR Submit करें: सभी आवश्यक जानकारी देने के बाद देख लें कि सबकुछ ठीक तो है। इसके बाद "सबमिट" बटन पर क्लिक करें। आपको यूनिक रिफरेन्स नंबर के साथ एक एक्नॉलेजमेंट मिलेगा।
7. एक्नॉलेजमेंट प्राप्त करें: जब आपकी FIR जमा हो जाएगी तो आपको एक डिजिटल एक्नॉलेजमेंट मिलेगी। इसमें FIR नंबर और अन्य प्रासंगिक विवरण होंगे। इस एक्नॉलेजमेंट का इस्तेमाल आप मामले की प्रगति ट्रैक करने के लिए कर सकते हैं।
8. FIR ट्रैक करें: अधिकांश राज्य पोर्टल आपकी FIR स्थिति को ट्रैक करने का विकल्प प्रदान करते हैं। आप जांच की प्रगति की जांच करने के लिए पोर्टल पर अपना एफआईआर नंबर या रिफरेंस नंबर दर्ज कर सकते हैं।
1. अधिकार क्षेत्र: सुनिश्चित करें कि FIR सही अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज की गई है। गलत अधिकार क्षेत्र में FIR दर्ज करने से जांच प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
2. झूठी FIR: भारतीय कानून के अनुसार झूठी FIR दर्ज करना दंडनीय अपराध है। सुनिश्चित करें कि दी गई सभी जानकारी सच्ची हो।
3. गैर-संज्ञेय अपराध: सभी अपराधों की रिपोर्ट ऑनलाइन नहीं की जा सकेगी। गैर-संज्ञेय अपराध, जैसे कि छोटी-मोटी चोरी या नागरिक विवाद के लिए आप पुलिस स्टेशन जा सकते हैं।
1. शिकायतकर्ता का नाम
2. शिकायतकर्ता की जन्म तिथि
3. शिकायतकर्ता का ईमेल पता
4. शिकायतकर्ता का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
5. शिकायतकर्ता का पूरा पता, जिसमें जिला भी शामिल है
6. आरोपी का पूरा पता, जिसमें जिला और फोन नंबर शामिल है, अगर ज्ञात हो
7. शिकायतकर्ता का आधार नंबर
8. घटना की तारीख और स्थान
9. शिकायत के बारे में जानकार। कौन सी घटना किस तरह घटी।