
बिजनेस डेस्क। पेटीएम पेमेंट्स बैंक को गंभीर लापरवाही और आरबीआई नियमों के उल्लंघन के कारण बैन कर दिया गया है। ऐसे में पेटीएम पर किसी भी तरह के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। आरबीआई ने भी स्पष्ट कहा है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक को लेकर केवाईसी समेत और भी कई सारे गंभीर इश्यू हैं जिस कारण उसे छोड़ा नहीं जा सकता है। हालांकि रेगुलेटरी ने ये भी कहा है कि ये रिस्ट्रिक्शंस पीपीबीएल और डिजिटल वॉलेट पर लागू होते हैं, यूपीआई ऐप पर नहीं। ये 29 फरवरी के बाद भी बैंक खातों के साथ काम करते रहेंगे।
आरबीआई गवर्नर ने ये कहा…
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर प्रतिबंध से पोस्ट मोनेटरी पॉलिसी को लेकर आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास ने कहा है कि पेटीएम के साथ कई सारे मुद्दे जुड़े हुए हैं। ऐसे में इसकी गंभीरता को कम नहीं आंक जा सकता है। शशिकांत दास ने कहा कि प्रतिबंध हमेशा परिस्थिति की गंभीरता के अनुपात में तय होता है।
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पेटीएम के शेयर भी हुए धड़ाम
पेटीएम के शेयर जो इन दिनों कम कारोबार कर रहे थे, फिटनेस फ्लैगशिप पर आरबीआई का रुख स्पष्ट होने साथ ही धड़ाम हो गया। आरबीआई के कड़े रवैया का असर पेटीएम के शेयर्स पर पड़ा है। पेटीएम के शेयर्स 10 फीसदी के निचले सर्किट पर आकर 447 रुपये पर बंद हुआ है।
आरबीआई गवर्नर बोले- सुधार का मौका हमेशा दिया जाता रहा
आरबीआई गवर्नर बोले विनियमित संस्थाओं के साथ परस्पर आपसी तालमेल बनाकर चलने पर जोर दिया जाता है और यदि कहीं पर भी कोई नियमों के अनुपालन में लापरवाही बरतता है तो उसे सुधार करने को लेकर भी लागातार रिमांडर भेजा जाता है। सुधार करने के लिए संस्थाओं को समय भी दिया जाता है लेकिन उसके बाद भी नियमों को ताक पर रखकर कोई करता है तो फिर मजबूरन सख्त कदम उठाने पड़ते हैं।
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