
बिजनेस डेस्क : देश में सबसे ज्यादा चुनावी चंदा देने वाले लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन का विवादों से गहरा नाता रहा है। उन्हें कई मामलों में गिरफ्तार भी किया जा चुका है। चुनाव आयोग के इलेक्टोरल बॉन्ड डेटा को सार्वजनिक करते ही एक बार फिर उनका नाम (Santiago Martin) चर्चा में आ गया है, क्योंकि सबसे ज्यादा चंदा देने वालों में उनका पहला नाम है। चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, SBI ने इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bonds) को लेकर जो जानकारी दी है, उसमें फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स नाम की कंपनी ने सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं। मतलब इस कंपनी ने पॉलिटिकल पार्टियों को सबसे ज्यादा चुनावी चंदा दिया है। कंपनी का मुख्य काम लॉटरी सेक्टर में बिजनेस है।
सबसे ज्यादा चुनावी चंदा किसने दिया
सबसे ज्यादा चुनावी चंदा देने वाली कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स के फाउंडर सैंटियागो मार्टिन है, जो भारत के लॉटरी किंग नाम से फेमस हैं। कंपनी अभी एक दर्जन से ज्यादा राज्यों में कारोबार चलाती है, जहां लॉटरी कानूनी तौर पर मान्य है। फ्यूचर गेमिंग का कारोबार मुख्य तौर पर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में फैला है। दक्षिण भारत में मार्टिन कर्नाटक सब्सिडियरी और पूर्वोत्तर में मार्टिन सिक्किम लॉटरी सब्सिडियरी नाम से कारोबार ऑपरेट होता है।
फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स का काम कितने राज्यों में
कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, अभी कुल 13 राज्यों में कंपनी अपना बिजनेस चलाती है। इनमें मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम, गोवा, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम हैं। नागालैंड और सिक्किम में तो कंपनी लॉटरी की इकलौती डिस्ट्रिब्यूटर है।
सैंटियागो मार्टिन का विवादों से गहरा नाता
फ्यूचर गेमिंग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, फाउंडर मार्टिन की उम्र जब 13 साल थी, तभी से उन्होंने लॉटरी का काम शुरू कर दिया था। इसके बाद पूरे देश में उनका नेटवर्क फैल गया। एक समय तो वे म्यामां में मजदूरी भी किया करते थे। सैंटियागो मार्टिन अभी लॉटरी के अलावा रियल एस्टेट और एजुकेशन जैसे कई सेक्टर्स में काम करते हैं। हालांकि, उनका विवादों से भी गहरा नाता रहा है। मार्टिन को कई अलग-अलग मामलों में पहले गिरफ्तार भी किया जा चुका है। 2008 में सिक्किम में 4,500 करोड़ के फ्रॉड का आरोप लगा था। साल 2011 में तमिलनाडु और कर्नाटक पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। दो साल बाद 2013 में केरल पुलिस ने उनके लॉटरी बिजनेस पर रेड की। 2015 में इनकम टैक्स विभाग ने मार्टिन से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी। पिछले साल ED ने उनकी 457 करोड़ की संपत्तियां मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अटैच कर दी थी।
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