
नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार सुबह 11 बजे लोकसभा में आम बजट 2020-21 पेश किया। अपने बजटीय भाषण में सीतारमण ने सबसे पहले कृषि क्षेत्र और किसानों की बात कही। उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए 16 एक्शन प्लान की घोषणा की। निर्मला सीतामरण ने कहा- 'हमारी सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने 6.11 करोड़ किसानों पर फोकस किया है। किसानों के बाजार को उदार बनाने की जरूरत है। कृषि उपज, लॉजिस्टिक में ज्यादा निवेश करने की जरूरत है। इसके लिए 16 एक्शन पॉइंट्स बनाए हैं।
1- उन राज्य सरकारों को प्रोत्साहन देना, जो आधुनिक कानूनों को बढ़ावा देते हैं जैसे- कृषि उपज की मार्केटिंग, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कानून को अमल में लाना।
2- जल संकट बड़ी चुनौती है। हम पानी की किल्लत से जूझ रहे 100 जिलों पर फोकस करेंगे। 3- अन्नदाता ऊर्जादाता भी बने। 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने में सरकार मदद करेगी। हम 15 लाख अन्य किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंप देंगे। सोलर पावर जनरेशन भी बढ़ाएंगे। अगर किसानों के पास खाली या बंजर जमीन है तो वे सोलर पावर जनरेशन यूनिट्स लगा सकेंगे ताकि वे वहां से पैदा होने वाली सोलर पावर को बेच सकें।
4- हमारी सरकार फर्टिलाइजर के संतुलित इस्तेमाल को बढ़ावा देगी। इससे केमिकल फर्टिलाइजर के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल को रोका जा सकेगा।'
5- भारत के पास 162 मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज की क्षमता है। हम ब्लॉक और तहसील स्तर पर वेयरहाउस बनाने को बढ़ावा देंगे। फूड कॉर्पोरेशन और सेंट्रल वेयरहाउस कॉर्पोरेशन अपनी जमीन पर भी कोल्ड स्टोरेज बनाएंगे।
6- स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप) खासकर महिला स्वयं सहायता समूह योजना के जरिए विलेज स्टोरेज को बढ़ावा देंगे। वे बीजों का संग्रह करेंगी और गांवों में किसानों को जरूरत पड़ने पर उन्हें बीज दे सकेंगी।'
7- भारतीय रेल 'किसान रेल' बनाएगी। वे ट्रेनों में स्टोरेज की व्यवस्था करेंगी।
8- कृषि उड़ान की भी शुरुआत होगी। यह एविएशन मिनिस्ट्री के जरिए होगा। इससे नॉर्थईस्ट और आदिवासी इलाकों से कृषि उपज को बढ़ावा मिलेगा।
9- हॉर्टिकल्चर में अभी खाद्यान्न टारगेट से ज्यादा है। हम इसे क्लस्टर में बांटकर एक जिले में एक उत्पाद को बढ़ावा देंगे।
10- इंटिग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम को बढ़ावा देंगे। जीरो बजट फार्मिंग और जैविक खेती को बढ़ावा देंगे।
11- फाइनेंसिंग ऑन नेगोशिएबल वेयरहाउसिंग रिसीप्ट्स पर ध्यान देंगे।
12- नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां अभी एक्टिव हैं। नाबार्ड स्कीम को विस्तार दिया जाएगा। 2021 में 15 लाख करोड़ रुपए एग्रीकल्चर क्रेडिट के लिए रखे गए हैं।
13- पशुधन की बीमारियां खत्म करेंगे। मनरेगा का इसमें इस्तेमाल करेंगे। मिल्क प्रोसेसिंग कैपेसिटी को दोगुना करेंगे। 53 मीट्रिक टन से 108 मीट्रिक टन करेंगे।
14- फिशरीज (मछली पालन) पर काम करेंगे।
15- 2023 तक मछली उत्पादन 200 लाख टन तक बढ़ाएंगे।
16- दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देंगे।' 2.83 लाख करोड़ रुपए कृषि से जुड़ी गतिविधियों, सिंचाई और ग्रामीण विकास पर खर्च किए जाएंगे।
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