
Indian Constitution Protection Rights: हमारा संविधान सिर्फ कागज के पन्नों पर नहीं है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में हर कदम पर हमारे हक की रक्षा करता है। चाहे आप विद्यार्थी हों, महिला हों, या बुजुर्ग हों, संविधान हर वर्ग के लिए सुरक्षा, सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करता है। जानिए जीवन भर कैसे हमारा संविधान बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्ग के अधिकारों की रक्षा करता है और कौन-कौन से हक देता है।
विद्यार्थियों के संवैधानिक अधिकार के अनुसार 6 से 14 साल के बच्चे मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा पाने के हकदार हैं। इसका मतलब यह है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रह सकता।
इस तरह संविधान हर बच्चे को सीखने का हक और बराबरी का अवसर देता है।
महिलाओं को संविधान और कानून की मदद से गरिमा, सुरक्षा और समान अधिकार मिलते हैं। जिसमें-
यानी संविधान और कानून महिलाओं को सुरक्षा, रोजगार में समानता और जीवन की गरिमा देते हैं।
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बुज़ुर्गों के लिए संविधान कई सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करता है। जिसमें-
इस तरह बुज़ुर्ग या भारत के वरिष्ठ नागरिक अपनी जिंदगी सम्मान और सुविधाओं के साथ जी सकते हैं।
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