National Bird Day: भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के राज्यों का भी अपना-अपना स्टेट बर्ड है। 5 जनवरी नेशनल बर्ड डे के मौके पर जानिए भारत के सभी राज्यों के स्टेट बर्ड की पूरी लिस्ट, उनकी खासियत।
हर साल 5 जनवरी को नेशनल बर्ड डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास को बचाने और लोगों में जागरूकता फैलाना है। यह तो सभी जानते हैं कि भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है, लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में हर राज्य ने भी अपने प्राकृतिक और सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में एक विशेष पक्षी को अपनाया है। ये स्टेट बर्ड न सिर्फ जैव विविधता को दर्शाते हैं, बल्कि उस क्षेत्र की पहचान और पर्यावरणीय संतुलन का भी प्रतीक हैं। नेशनल बर्ड डे के अवसर पर जानिए भारत के अलग-अलग राज्यों के राज्य पक्षी और उनकी खासियत।
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उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के स्टेट बर्ड
आंध्र प्रदेश का स्टेट बर्ड तोता है, जो हरियाली और जीवंतता का प्रतीक माना जाता है।
अरुणाचल प्रदेश ने धनेश को अपनाया है, जो आदिवासी संस्कृति में बेहद पूजनीय है।
असम का सफेद पंखों वाली बत्तख दुर्लभ पक्षियों में शामिल है।
बिहार का गौरैया आम जीवन से जुड़ा पक्षी होने के कारण चुना गया है।
छत्तीसगढ़ का पहाड़ी मैना अपनी इंसानी आवाज की नकल के लिए प्रसिद्ध है।
गोवा का बुलबुल राज्य की जैव विविधता को दर्शाता है।
गुजरात का Greater Flamingo खारे पानी की झीलों की शान है।
हरियाणा का काला तीतर खेतों और ग्रामीण परिवेश से जुड़ा पक्षी है।
हिमाचल प्रदेश का जुजराना पहाड़ी वन्यजीवन की पहचान है।
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पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के स्टेट बर्ड
झारखंड का स्टेट बर्ड कोयल मधुर आवाज से जुड़ा है।
मणिपुर और मिजोरम दोनों का Mrs. Hume’s Pheasant (नॉन्गिन) दुर्लभ और संरक्षित पक्षी है।
मेघालय का Hill Myna (मैन) वहां के घने जंगलों की पहचान है।
नागालैंड का Blyth’s Tragopan रंग-बिरंगे पंखों के लिए जाना जाता है।
त्रिपुरा का Green Imperial Pigeon ऊंचे पेड़ों पर रहने वाला शांत पक्षी है।
पश्चिम बंगाल का White-throated Kingfisher (शंखचिल) जल स्रोतों के पास आसानी से दिखता है।
सिक्किम का Blood Pheasant हिमालयी क्षेत्र की जैव विविधता को दर्शाता है।