
NEET UG 2024 SC decision: नीट यूजी अनियमितता मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को NEET UG की दोबारा परीक्षा कराने और पिछले महीने घोषित परिणाम को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ जिसमें जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा शामिल हैं, फैसला सुनाते हुए कहा कि नीट यूजी परीक्षा का आयोजन दोबारा नहीं होगा। रिकॉर्ड पर मौजूद डेटा प्रश्न पत्र के सिस्टमेटिक लीक का संकेत नहीं है जो परीक्षा की पवित्रता में व्यवधान का संकेत दे। फैसला सुनाते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि नीट यूजी के रिजल्ट में गड़बड़ी थी या परीक्षा के संचालन में कोई सिस्टमेटिक उल्लंघन हुआ था। सीजेआई ने आदेश की शुरुआत में मामले के तथ्यों और दोनों पक्षों की ओर से व्यापक दलीलें दर्ज की और सुनीं। फिर अपना फाइनल फैसला सुनाया
शुरू होगी नीट यूजी काउंसलिंग
नीट यूजी पर सुप्रीम कोर्ट के फाइनल फैसले के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। नीट रिजल्ट विवाद के बाद मेडिकल एडमिशन प्रोसेस में पहले ही काफी देरी हो चुकी है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी, एमसीसी 24 जुलाई, 2024 से एनईईटी यूजी काउंसलिंग शुरू करेगी।
फैसले से पहले नीट मामले पर हुई तीखी बहस
इससे पहले हुड्डा ने कहा कि SG जिस कॉन्फिडेंस से यह कह रहे हैं कि पेपर लीक सीमित जगहों पर हुआ उसपर भरोसा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मान लीजिए संजीव मुखिया गिरफ्तारी के बाद ये कह दें कि उसने 200 जगहों तक पेपर भेजा था, तब तक बहुत देर हो जाएगी। अगर कोर्ट रीएग्जाम का फैसला न दे तो बच्चों के साथ अन्याय होगा। तब सीजेआई ने कहा इस बात की संभावना है कि लीक केवल दो स्थानों तक ही सीमित नहीं है लेकिन हम 23 लाख छात्रों से निपट रहे हैं। इसे दोनों तरीकों से देखें। ऐसा हो सकता है कि भविष्य में सीबीआई जांच एक अलग तस्वीर पेश कर सकती है लेकिन उसी तरह हम आज किसी भी प्रथम दृष्टया यह नहीं कह सकते हैं कि लीक पटना और हजारीबाग से आगे बढ़ गया है और पूरे देश में फैल गया है। नीट यूजी एग्जाम दोबारा कराने को लेकर ही वकील नेदुम्परा और सीजेआई के बीच तीखी बहस भी हुई।
विवादित फिजिक्स क्वेश्चन का ऑप्व्शन 4 सही, बताया कैसे होगी मार्किंग
नीट यूजी एग्जाम दोबारा कराने और नीट रिजल्ट रद्द करने वाली याचिका खारिज करने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने फिजिक्स के विवादित प्रश्न मामले पर सुनवाई की। आईआईटी दिल्ली ने विवादित फिजिक्स क्वेश्चन का सही जवाब ऑप्शन 4 बताया है। इसके बाद CJI ने SG को प्रस्ताव दिया कि वैसे कैंडिडेट जिन्होंने विवादास्पद फिजिक्स क्वेश्चन के सही आंसर के रूप में ऑप्शन 4 को चिह्नित किया था उन्हें फुल मार्क्स दिये जायें और जिन्होंने विकल्प 2 को सही उत्तर के रूप में चिह्नित किया था उनके कोई मार्क्स नहीं काटने जाएं।
सीबीआई ने बताया 5 मई को परीक्षा के दिन लीक हुआ था नीट क्वेश्चन पेपर
वहीं सीबीआई ने आज पहले सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पेपर 5 मई को परीक्षा के दिन लीक हो गया था। जांच एजेंसी के अनुसार नीट क्वेश्चन पेपर हजारीबाग में लीक हुआ और यहां से फिर पटना भेजा गया। सीबीआई के अनुसार आरोपी 5 मई को सुबह 8.02 बजे कंट्रोल रूम के पिछले दरवाजे का इस्तेमाल करते हुए उस जगह पहुंचे, जहां क्वेश्चन पेपर बंद थे। पीछे का दरवाजा केंद्र अधीक्षक ने जानबूझकर खुला रखा गया था। सुबह 9.23 बजे वह कंट्रोल रूम से बाहर आये थे। उन्होंने तुरंत इसे प्रॉब्लम सॉल्वर के पास भेज दिया। अब तक की जांच में चार स्थानों पर ध्यान केंद्रित किया गया है दो पटना में और दो हजारीबाग में। ये 4 वह जगहें हैं जहां से नीट क्वेश्चन पेपर प्रसारित किए गए थे। पेपर लीक मामले में एक दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जांच जारी है। कोर्ट ने माना कि लीक पेपर बड़े लेवल पर नहीं था और उससे जुड़े मामले और दोषियों की पहचान अलग से कर, उनपर कठोर कार्रवाई की जायेगी।
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