
करियर डेस्क : एक बार फिर लड़िकयों ने दिखा दिया कि कितनी भी मजबूरी और बाधाएं क्यों ना हो, हम किसी से कम नहीं हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के राजौरी की एक छात्रा ने जम्मू-कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (JKBOSE) परीक्षा 2021 में सभी बाधाओं को हराकर 98.06 प्रतिशत के साथ जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। आयशा बीबी नाम की इस लड़की नहीं महामारी के बीच भी कम संसाधनों में अपनी पढ़ाई जारी रखी और ये मुकाम हासिल किया।
आयशा के माता-पिता उसकी सफलता का श्रेय MIE हायर सेकेंडरी स्कूल को देते हैं क्योंकि उन्होंने छात्रों को मुफ्त किताबें और स्टडी मटेरिया उपलब्ध करवाया, यह सुनिश्चित करते हुए कि COVID-19 लॉकडाउन और प्रतिबंध उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं डाल सकें।
आयशा के पिता गुलाम रसूल ने कहा, 'मैं एक बहुत गरीब परिवार से ताल्लुक रखता हूं, और हमारे पास आवश्यक सुविधाओं की कमी के बावजूद, हमने अपनी बेटी को जो कुछ भी वह चाहती है उसे देने की पूरी कोशिश की है। अमरोह गांव में बिजली और अन्य सुविधाओं के बावजूद, वह अच्छी तरह से पढ़ाई करने में कामयाब रही। जब COVID-19 लॉकडाउन लागू किया गया था, तो वह अपनी पढ़ाई को लेकर बहुत चिंतित थी। हालांकि, स्कूल हमारा समर्थन करता रहा और हमें मुफ्त किताबें और पढ़ाई से जरूरी सभी चीजें दी।'
उन्होंने कहा कि, 'हमारी कड़ी मेहनत के साथ-साथ आयशा के स्कूल ने हमारी सबसे बड़ी मदद की, क्योंकि वे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बच्चों से फीस नहीं लेते हैं। मैं उनके लिए बहुत आभारी हूं।'
आयशा के अलावा इस मुस्लिम इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन की 2 और अन्य छात्राओं ने जिले में चौथा और 7वां स्थान हासिल किया। नफीसा कुरैशी नाम की एक छात्रा ने बताया कि, 'मुझे इस संस्थान में 492 अंक मिले और जम्मू में चौथा स्थान हासिल किया। मैं बहुत खुश हूं।' वहीं, अरिसा शकील नाम की छात्रा ने 489 अंकों के साथ 7वां स्थान हासिल किया है।
ये भी पढ़ें- 18 देशों से 55 रिसर्च ऑफर पाने वाले छात्र के सामने आर्थिक संकट, कई बड़े नेताओं को लेटर लिख कर मांगी मदद
लाख कोशिश करने के बाद भी नहीं मिल रही मनपसंद नौकरी, ये 5 रणनीतियां आ सकती हैं आपके काम
Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi