National Unity Day 2022: एक प्रयास और सरदार पटेल ने वो कर दिखाया जो अद्भुत, अविश्‍वसनीय और अकल्‍पनीय था

Published : Oct 31, 2022, 07:00 AM IST
National Unity Day 2022: एक प्रयास और सरदार पटेल ने वो कर दिखाया जो अद्भुत, अविश्‍वसनीय और अकल्‍पनीय था

सार

31 अक्टूबर को भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। उनके ही प्रयास से 560 रियासतों को भारत संघ में एकीकृत किया गया था।

करियर डेस्क : हर साल 31 अक्टूबर को भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती (Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti ) मनाई जाती है। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day 2022) के तौर पर मनाया जाता है। इस साल सरदार पटेल की 146वीं जयंती है। सरदार पटेल के जन्मदिन को यूनिटी डे के तौर पर इसलिए मनाया जाता है। आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास और क्या है महत्व...

राष्ट्रीय एकता दिवस का इतिहास
31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नडियाद में सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म हुआ था। वल्लभ भाई पटेल के ही प्रयास से 560 रियासतों को भारत संघ में एकीकृत किया गया था। राष्ट्र को एक धागे में पिरोने का उन्होंने जो काम किया है, उसी के चलते हर साल इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas ) के रूप में मनाया जाता है। 15 दिसंबर, 1950 को महाराष्ट्र के मुंबई में उनका निधन हो गया था। मरणोपरांत उन्हें साल 1991 में 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एकता को लेकर उन्होंने जिन हालातों में रियासतों को एक किया था, उनके इसी प्रयास को देखते हुए साल 2014 में केंद्र की मोदी सरकार ने उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। तभी से हर साल यह दिन मनाया जाता है।

राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व
भारत विविधताओं से भरा देश है। यहां हर मजहब, जाति, भाषा और संस्कृतियों को खुद में समेटे हुए लोग रहते हैं। राष्ट्र को मजबूत बनाने एकता महत्वपूर्ण है। इसी को देखते हुए 2014 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय एकता दिवस का प्रस्ताव लाया और फिर हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाने लगा।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी
आपको बता दें कि सरकार पटेल की 143वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुजरात में स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी (Statue of Unity) का लोकार्पण किया। दुनिया की सबसे ऊंची यह प्रतिमा केवड़िया कॉलोनी में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध के सामने बनाया गया है। इसकी ऊंचाई 182 मीटर यानी कि 597 फीट है। यह पर्यटन स्थल के तौर पर भी जाना जाता है।

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