
नई दिल्ली. सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालय अब पीजीडीएम (प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा) और एमबीए (व्यापार प्रबंधन में डिप्लोमा) पाठ्यक्रम की पेशकश एक साथ नहीं कर सकेंगे। उन्हें दोनों में से किसी एक कोर्स के संचालन को चुनना होगा। ये जानकारी अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने मंगलवार को दी।
नियमों का उल्लंघन कर रहे थे कई यूनिवर्सिटी
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तकनीकी एवं प्रबंधन शिक्षा नियामक ने कहा कि पीजीडीएम कोर्स केवल ऐसे संस्थान चला सकते हैं जोकि प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की तरह ना तो विश्वविद्यालय हैं और ना ही किसी विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। एक वरिष्ठ एआईसीटीई अधिकारी ने बताया कि देखने में आया है कि कुछ समय से मानद् विश्वविद्यालय नियमों का उल्लंघन कर 'मैनेजमेंट प्रोग्राम' के बैनर तले पीजीडीएम कोर्स का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआईसीटीई अधिनियम 2020 के अनुसार, एक ही संस्थान में पीजीडीएम और एमबीए कोर्स के एक साथ संचालन की इजाजत नहीं है।
उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार, विश्वविद्यालयों से संबद्ध संस्थानों के पास ये विकल्प है कि वह अपने यहां संचालित पीजीडीएम कोर्स को या तो उसी विश्वविद्यालय (जिससे वह संबद्ध है) के एमबीए के पत्राचार माध्यम में बदलें दें अथवा एमबीए कोर्स संचालन की स्थित में इसी तरह दूसरा विकल्प अपना लें।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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