नॉनवेज खाने वाला हो जाएं सावधान, स्टडी का दावा- वेजिटेरियन्स में बीमारियों से लड़ने की शक्ति अधिक

Published : May 09, 2021, 12:50 PM ISTUpdated : May 09, 2021, 01:19 PM IST
नॉनवेज खाने वाला हो जाएं सावधान, स्टडी का दावा- वेजिटेरियन्स में बीमारियों से लड़ने की शक्ति अधिक

सार

बायोमार्कर अणु हैं जो आपके शरीर में होने वाली सामान्य या असामान्य प्रक्रिया को दर्शाता हैं। विभिन्न प्रकार के अणु, जैसे डीएनए (जीन), प्रोटीन या हार्मोन, बायोमार्कर के रूप में काम कर सकते हैं।

हेल्थ डेस्क. मीट खाने वालों की तुलना में वेजिटेरियन फूड (Vegetarians) खाने वालों में बीमारियों के लड़ने की क्षमता अधिक होती है। यूनाइटेड किंगडम (यूके) में 1 लाख 66 हजार लोगों पर हुई स्टडी में सामने आया है, कि मीट की तुलना में वेजिटेरियन की एक हेल्दी बायोमार्कर (healthier biomarker) प्रोफाइल होती है। साथ ही इस स्टडी में यह भी पता चला कि ड्रिंक और स्मोकिंग बायोमार्कर को प्रभावित नहीं करता है। इस साल ऑनलाइन आयोजित होने वाली यूरोपीय कांग्रेस ऑन ओबेसिटी (ECO) पर 166,000 यूके के लोगों ने भाग लिया था। जिन पर ये रिसर्च की गई।

क्या है रिसर्च में
ग्लासगो यूनीवर्सिटी (University of Glasgow) ने यूके बायोबैंक स्टडी में 177,723 हेल्दी कैंडिडेट्स (37-73 वर्ष की आयु) के आंकड़ों पर रिसर्च किया। जिन्होंने पिछले पांच सालों में खाने में कोई बड़ा चेंज नहीं किया। वेजिटेरियन के रूप में 4,111 कैंडिडेट्स थे और मीट खाने वाले 166,516 थे। स्टडी में डायबिटीज, हार्ट, कैंसर, लीवर, हड्डी और किडनी से संबंधित 19 ब्लड और यूरीन बायोमार्करों के साथ जांच की गई।

इसे भी पढ़ें- हवा में दूर तक जा सकता है कोरोना वायरस, जानिए कैसे फैलता है और बचने का सबसे अच्छा उपाय

13 बायोमार्कर के निम्न स्तर थे

उम्र, लिंग, एजुकेशन, मोटापा, स्मोकिंग और ड्रिंक सहित चीजों की स्डटी में पाया गया कि मीट खाने वालों की तुलना में वेजिटेरियन में 13 बायोमार्कर के निम्न स्तर थे। टोटल कोलेस्ट्रॉल- लो डेनसिटी वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) कोलेस्ट्रॉल - बैड कोलेस्ट्रॉल, गामा-ग्लूटामिल ट्रांसफरेज (जीजीटी) और एलेनिन एमिनोट्रांस्फरेज (एएसटी) - लीवर फंक्शन मार्कर, सूजन या कोशिकाओं को नुकसान का संकेत देते हैं। हालांकि, वेजिटेरियन में हाई डेनिसिटी वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल, और विटामिन डी और कैल्शियम सहित कुछ लाभकारी बायोमार्कर के निम्न स्तर थे। इसके अलावा, उनके पास ब्लड और सिस्टैटिन-सी में वसा (ट्राइग्लिसराइड्स) का काफी हाई लेवल था।

क्या होता है बायोमार्कर
बायोमार्कर अणु हैं जो आपके शरीर में होने वाली सामान्य या असामान्य प्रक्रिया को दर्शाता हैं। विभिन्न प्रकार के अणु, जैसे डीएनए (जीन), प्रोटीन या हार्मोन, बायोमार्कर के रूप में काम कर सकते हैं। ये सभी आपके स्वास्थ्य के बारे में कुछ संकेत देते हैं। विशेष रूप से, बायोमार्कर कैंसर तक सीमित नहीं हैं। ये हृदय रोग, मल्टीपल स्केलेरोसिस और कई अन्य बीमारियों के लिए भी होता है।

इसे भी पढ़ें- Heart Disease: कोरोना काल में ऐसे करें अपने हार्ट का टेस्ट, डेढ़ मिनट में पूरा किया ये काम तो हेल्दी हैं आप

नहीं निकला रिजल्ट
हालांकि ये अध्ययन बड़ा था, इसलिए प्रत्यक्ष कारण और प्रभाव के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है।

PREV

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

Recommended Stories

CBSE Class 10 Second Board Result 2026 Date: सीबीएसई सेकेंड बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट कब आएगा? जानिए लेटेस्ट अपडेट
Passport vs Citizenship Debate: भारत में नागरिकता का असली डॉक्यूमेंट क्या है?