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CBSE Board Exams 2026: क्या अब 12वीं के छात्र मार्क्स वेरिफिकेशन नहीं करा पाएंगे? जानें बोर्ड का बड़ा फैसला
CBSE Board Exams 2026 से पहले बोर्ड ने छात्रों को सोशल मीडिया अफवाहों और पेपर लीक दावों से सावधान रहने की सलाह दी है। कक्षा 12 में डिजिटल मूल्यांकन लागू होने के बाद मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रिया खत्म कर दी गई है। जानें पूरा अपडेट और बोर्ड की चेतावनी।

CBSE बोर्ड का सोशल मीडिया अफवाहों पर सख्त रुख
CBSE के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने हाल ही में एक लाइव सेशन के दौरान छात्रों को खास सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर यूट्यूब और अन्य चैनलों पर चल रहे कथित पेपर लीक वीडियो पर भरोसा न करें। ऐसे वीडियो सिर्फ व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए बनाए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को परीक्षा से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत इसकी जानकारी बोर्ड को दें। छात्रों से अपील की गई है कि वे बेवजह की ऑनलाइन चर्चाओं में समय बर्बाद करने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लें।
अफवाह फैलाने वालों पर होगा FIR
बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों का नाम CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा और उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद साइबर पुलिस ऐसे मामलों की निगरानी करेगी। बोर्ड का उद्देश्य साफ है, परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखना।
सीबीएसई 12वीं में अब नहीं होगी मार्क्स वेरिफिकेशन
CBSE ने इस साल से एक और बड़ा बदलाव किया है। 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है। इसकी वजह है डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम, जिसे अब पूरी तरह लागू कर दिया गया है। बोर्ड का दावा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए कॉपियों की जांच में मानवीय गलती की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। अब शिक्षक कंप्यूटर पर खास सॉफ्टवेयर की मदद से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेंगे। इसमें नंबर जोड़ने, अपलोड करने या टोटलिंग की गलती की गुंजाइश नहीं रहती। इसलिए रिजल्ट जारी होने के बाद दोबारा जांच की जरूरत नहीं होगी।
12वीं बोर्ड परीक्षा कॉपी के डिजिटल इवैल्यूएशन से क्या फायदा होगा?
CBSE का कहना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से नतीजे पहले से ज्यादा तेज और सटीक आएंगे। पहले जहां कॉपियों की जांच में करीब 12 दिन लगते थे, अब यह काम 9 दिनों में पूरा हो जाएगा। इस सिस्टम की वजह से देश-विदेश के ज्यादा शिक्षक एक साथ ऑनलाइन कॉपियां जांच सकेंगे। फिजिकल कॉपियां एक जगह से दूसरी जगह भेजने की जरूरत भी खत्म हो जाएगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही यह तरीका पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर है, क्योंकि कागज के इस्तेमाल और ढुलाई की प्रक्रिया कम हो जाती है। बोर्ड का मानना है कि जब सिस्टम खुद टोटलिंग और अपलोडिंग संभाल रहा है, तो शिक्षकों का ध्यान सिर्फ उत्तरों के मूल्यांकन पर रहेगा। इससे कॉपियों की जांच ज्यादा साफ-सुथरे और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।
CBSE बोर्ड छात्रों के लिए क्या है संदेश?
CBSE ने साफ कर दिया है कि छात्र अफवाहों से घबराएं नहीं। बोर्ड परीक्षा एक गंभीर प्रक्रिया है और इसे लेकर फैल रही गलत खबरों से बचना जरूरी है। बोर्ड का कहना है कि अगर छात्र अपनी पढ़ाई पर फोकस रखें और सोशल मीडिया की भ्रामक बातों से दूर रहें, तो वे बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। CBSE Board Exams 2026 को लेकर बोर्ड की यह सख्ती इस बात का संकेत है कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में छात्रों के लिए सबसे बड़ा मंत्र यही है, अफवाहों से दूरी और पढ़ाई पर पूरी एकाग्रता।
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