
फिल्म 'पेद्दी' में जान्हवी कपूर के किरदार को लेकर उठे विवाद ने अब पूरी इंडस्ट्री में बहस छेड़ दी है। जहां कुछ लोग इसे रचनात्मक आजादी मान रहे हैं, वहीं कई दिग्गज कलाकार इसे महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन से जोड़कर देख रहे हैं। इस मुद्दे पर जया बच्चन, करीना कपूर खान, कंगना रनौत और जगपति बाबू जैसे सितारों ने अपनी-अपनी राय रखी है। जया बच्चन ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए फिल्म सेट पर हुए ऑब्जेक्टिफिकेशन का विरोध किया, जबकि अन्य सितारों ने इसे अलग-अलग नज़रिए से समझाने की कोशिश की। यह विवाद अब सोशल मीडिया से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
जया बच्चन ने Deccan Chronicle से बातचीत में कहा कि फिल्मों में महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन को सेट पर ही रोक देना चाहिए। उन्होंने अपने करियर का एक पुराना किस्सा साझा करते हुए बताया कि एक निर्देशक ने उन्हें सीन में जरूरत से ज्यादा सेक्सी दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने तुरंत विरोध किया। बकौल जया, “किसी ने भी मेरे साथ कभी लाइन क्रॉस करने की हिम्मत नहीं की। मुझे एक डायरेक्टर की तरफ से केवल एक बार असहज अनुभव हुआ, जब मुझे ऑब्जेक्टिफाई किया गया था। इसके बाद मैंने उनके साथ दोबारा कभी काम नहीं किया।”
यह भी पढ़ें : Peddi: जान्हवी कपूर के बोल्ड सीन से हिली इंडस्ट्री, बॉलीवुड से साउथ तक हीरोइनों ने खोली पोल!
रिपोर्ट के मुताबिक़, जया बच्चन जिस घटना का जिक्र कर रही थीं, वह मनोज कुमार की फिल्म शोर की शूटिंग के दौरान की है। इस फिल्म में उन्होंने एक सड़कछाप महिला (streetwalker) का किरदार निभाया था। उस समय निर्देशक चाहते थे कि वह पूरी फिल्म में घाघरा-चोली पहनें, लेकिन जया बच्चन ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि वह इसे दुपट्टे से अपने ऊपरी शरीर को ढककर पहनेंगी। इस बात को लेकर दोनों के बीच मतभेद हो गया और विवाद की स्थिति बन गई।
करीना कपूर खान ने इस पूरे विवाद पर रिएक्शन देते हुए कहा कि फिल्मों में सेंशुअलिटी दिखाने के लिए महिलाओं को कम कपड़े पहनाना जरूरी नहीं है। उन्होंने कभी खुशी कभी ग़म के गाने 'सूरज हुआ मध्धम' में काजोल का उदाहरण देते हुए कहा कि साड़ी में भी खूबसूरत और इमोशनल सेंशुअलिटी दिखाई जा सकती है। करीना के मुताबिक़, फिल्ममेकर्स को कहानी और प्रस्तुति पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, “मेरे अनुभव के अनुसार, जब मैं किसी फिल्म के लिए हां करती हूं, तो उसमें कई तरह के नज़रिए शामिल होते हैं। आप किसी चीज़ की ओर इशारा कर सकते हैं और कह सकते हैं कि यह थोड़ा ऐसा भी लग रहा है। कई बार फिल्ममेकर का इरादा किसी को ऑब्जेक्टिफाई करना नहीं होता। कोई भी जानबूझकर ऐसी फिल्म नहीं बनाता जिसमें महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने की मंशा हो।” कंगना ने आगे कहा कि जब कलाकार अपनी आपत्ति या सुझाव रखते हैं, तो फिल्ममेकर अक्सर उसे समझने और स्वीकार करने के लिए तैयार रहते हैं।
यह भी पढ़ें : Shocking: जान्हवी कपूर की मर्जी के बिना शूट हुए 'पेद्दी' के बवाल सीन? लीक चैट ने हुआ बड़ा खुलासा!
उन्होंने कहा, “एक महिला के तौर पर अगर आपको लगता है कि कुछ सही नहीं लग रहा है, तो आप अपनी बात रख सकती हैं। अक्सर लोग सहमत हो जाते हैं क्योंकि राइटर्स रूम में बैठे लोग गलत सोच के साथ चीजें नहीं लिखते। ऐसी चीजें हो सकती हैं। एक बार जब आप फिल्म के लिए हां कर देते हैं, तो यह एक सहयोगात्मक प्रक्रिया बन जाती है।”
'पेद्दी' में मुख्य विलेन के तौर पर दिखे दिग्गज एक्टर जगपति बाबू ने जान्हवी कपूर का समर्थन करते हुए कहा कि कलाकार सिर्फ डायरेक्टर के निर्देशों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि रचनात्मक फैसलों के लिए कलाकारों को निशाना बनाना गलत है। उनके अनुसार, कभी-कभी चीजें उम्मीद के अनुसार नहीं चलतीं, लेकिन इसका जिम्मेदार कलाकार नहीं होता।
राम चरण स्टारर फिल्म 'पेद्दी' में जान्हवी कपूर के किरदार ‘Achiyamma’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि फिल्म में एक्ट्रेस को ऑब्जेक्टिफाई किया गया है। उनके किरदार के हाइपर-सेक्शुअलाइज़ेशन (अत्यधिक कामुक चित्रण) को लेकर ना केवल एक्ट्रेस, बल्कि मेकर्स को भी विरोध का सामना करना पड़ा है। हालांकि, डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना इन सीन्स के लिए माफी मांग चुके हैं और आपत्तिजनक सीन हटाने का आश्वासन दे चुके हैं।
मनोरंजन जगत की सबसे खास खबरें अब एक क्लिक पर। फिल्में, टीवी शो, वेब सीरीज़ और स्टार अपडेट्स के लिए Bollywood News in Hindi और Entertainment News in Hindi सेक्शन देखें। टीवी शोज़, टीआरपी और सीरियल अपडेट्स के लिए TV News in Hindi पढ़ें। साउथ फिल्मों की बड़ी ख़बरों के लिए South Cinema News, और भोजपुरी इंडस्ट्री अपडेट्स के लिए Bhojpuri News सेक्शन फॉलो करें — सबसे तेज़ एंटरटेनमेंट कवरेज यहीं।