बॉलीवुड के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर और कॉमेडियन सतीश कौशक को गुजरे 3 साल हो गए हैं। उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनके कुछ किरदार आज भी फैन्स के दिलों में बसे हैं। इसी बीच उनकी फिल्मों के कुछ खास और फनी डायलॉग्स बताने जा रहे हैं। यहां पढ़ें…
'एक दूर का चाचा है और एक मुंह बोली भाभी, दूर का चाचा मुझसे दूर ही रहता है और मुंह बोली भाभी मुझे कभी मुंह नहीं लगाती है।'
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फिल्म डबल धमाल का डायलॉग
ऐ उजड़ी हुई रियासत के राजकुमार। ऐ हिट फिल्म के फ्लॉप हीरो लोग। ऐ भोजपुरी पिक्चर के ओम पुरी, ऐ मल्टीस्टार कास्ट के साइड हीरो, कॉमेडी पिक्चर के थकेले जोकर लोग, ऐ ओवर बजट पिक्चर के हीरो।'
‘वैसे तो मैं एक फ्रस्टेड आदमी हूं, मेरी स्टोरी का पता नहीं है, फाइनेंस का ठिकाना नहीं है, हीरो डेट नहीं दे रहा है, हीरोइन कह रही है कि मैं पूरे कपड़े पहनूंगी।’
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फिल्म दीवाना मस्ताना का डायलॉग
‘ऐ टमाटर के आखिरी दाने। ऐ अमावस के चमकते चांद। पप्पू पेजर क्या है, पहले ठोकता है, फिर बजाता है, फिर ठोक बजाके कंफर्म करता है।’
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फिल्म परदेसी बाबू का डायलॉग
‘आंख के अंधे को तो फिर भी ठिकाना मिल जाता है, अकल के अंधे को कोई ठिकाना नहीं मिलता है। ओए, गेस कर चवन्नी दूंगा।’
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फिल्म हद कर दी आपने का डायलॉग
‘मेरी अपनी खुद की एक पर्सनल बीवी है, मेरा वेट ज्यादा है तो मेरी बात का भी वेट ज्यादा ही होगा ना।’
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फिल्म साजन चले ससुराल का डायलॉग
‘हम बहुत बड़ा संगीतकार, कलाकार, लेकिन आजकल एकदम बेकार।’
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