पटना (Bihar) । जम्मू-कश्मीर के बारामूला में हुए आतंकी हमले में जहानाबाद जिले के रतनी प्रखंड के अईरा गांव के सीआरपीएफ जवान लवकुश शर्मा शहीद हो गए। उनके शहादत की खबर पर गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। वही, इकलौते बेटे के खोने के बाद माता-पिता सदमे में हैं। रोते हुए पिता सुदर्शन शर्मा ने बताया कि दो दिन पहले ही उनकी बेटे से बात हुई थी।
सीआरपीएफ के 119 बटालियन के शहीद जवान लवकुश अईरा गांव निवासी सुदर्शन शर्मा के इकलौते बेटे थे। वर्ष 2014 में सीआरपीएफ का हिस्सा बने थे। पिता किसान हैं।
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शहीद जवान लवकुश के पिता सुदर्शन शर्मा, मां प्रमिला देवी और पत्नी अनिता देवी गहरे सदमे में हैं। अईरा गांव के लोगों को होनहार बेटे के खोने का गम भी है।
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शहीद जवान के दो बच्चे हैं। सात साल का बेटा सूरज और तीन साल की बेटी अन्नया अचानक लोगों की भीड़ का जुटना तथा मां-दादी और दादा को देखकर हैरत में थे।
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शहीद जवान लवकुश करीब चार माह पहले अपने गांव आए थे। रोते-बिलखते शहीद के पिता सुदर्शन शर्मा कहते हैं कि दो दिन पहले ही उसने फोन किया था और अपने नए कांटैक्ट नंबर की जानकारी दी थी।
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गांव के लोग कहते हैं कि छुट्टी पर जब लवकुश आते थे तो सेना में भर्ती के लिए कम समय में दौड़ पूरा करने का टिप्स देते थे। अर्द्धसैनिक बल में सेवा के दौरान के अनुभवों का भी जिक्र करते थे।
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