इंजीनियरिंग करने अब मैथ, फिजिक्स और केमिस्ट्री होना जरूरी नहीं, जानें AICTE के फैसले की सभी जरूरी बातें

Published : Mar 12, 2021, 04:07 PM ISTUpdated : Mar 12, 2021, 05:38 PM IST

करियर डेस्क. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने इंजीनियरिंग करने लिए एक बड़ा फैसला सुनाते हुए पीसीएम (PCS Physics, Chemistry, Math) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बारहवीं क्लास में गणित, भौतिक और रसायन विज्ञान विषय से पास होने जरूरी नहीं है। इसका सबसे बड़ा फायदा कॉमर्स, आर्ट्स और बाकी विषयों से पढ़कर निकले छात्रों को भी मिलेगा। वो भी इंजीनियरिंग के क्षेत्र को चुन पाएंगे। आइए जानते हैं इस फैसले से जुड़ी सभी जरूरी बातें-  

PREV
17
इंजीनियरिंग करने अब मैथ, फिजिक्स और केमिस्ट्री होना जरूरी नहीं, जानें AICTE के फैसले की सभी जरूरी बातें

AICTE ने इंजीनियरिंग के अध्ययन के लिए अपने नियमों में संशोधन करते हुए बारहवीं कक्षा में गणित, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान विषय की पढ़ाई की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। यह निर्णय "विविध पृष्ठभूमि" से इंजीनियरिंग के अध्ययन के लिए आने वाले छात्रों को राहत देने के लिए लिया गया है।

27

AICTE के फैसले के बाद अब, जिन छात्रों की 12वीं में गणित-भौतिक विषय नहीं हैं वो भी बन इंजीनियर सकते हैं। दरअसल, अब इस साल से जिन विद्यार्थियों ने बारहवीं कक्षा में भौतिकी, गणित व रसायन विज्ञान की पढ़ाई नहीं की होगी, वे भी इंजीनियर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। छात्रों को एआईसीटीई के संशोधित नियमों के अनुसार, इंजीनियरिंग के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने में सक्षम होने के लिए बारहवीं कक्षा में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों की जरूरत होगी और 14 विषयों की सूची में से तीन विषयों में उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा।

37

संशोधित नियमों में तकनीकी नियामक ने 14 विषयों- भौतिकी, गणित, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जीव विज्ञान, इनफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिस, जैव प्रौद्योगिकी, तकनीकी व्यावसायिक विषय, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, व्यावसायिक अध्ययन, एंटरप्रन्योरशिप विषयों  को सूची में शामिल किया है।

 

 

47

अलग-अलग क्षेत्र और स्ट्रीम से आने वाले स्टूडेंट्स के लिए विश्वविद्यालय उपयुक्त पाठ्यक्रम जैसे कि गणित, भौतिक, इंजीनियरिंग ड्राइंग इत्यादि पेश करेगा।

57

अभी तक बीई, बीटेक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए बारहवीं कक्षा में गणित और भौतिक विषय जरूरी होता था, लेकिन अब इसकी अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। एआईसीटीई की नई रूल बुक के मुताबिक, अब इंजीनियरिंग के स्नातक कोर्सों एवं टेक्नोलॉजी कॉलेजों में दाखिले के लिए बारहवीं में गणित और भौतिक विषय की अनिवार्यता नहीं रहेगी।

 

67

शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से विविध पृष्ठभूमि के छात्र भी इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला ले सकेंगे। दरअसल, अब इंजीनियर के लिए स्नातक में दाखिले का  पात्रता मापदंड बदल गया है। जिन छात्रों की बारहवीं में गणित और भौतिक विषय नहीं है, वे भी इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकते हैं। इसे लेकर एआईसीटीई ने अपनी अनुमोदन प्रक्रिया हैंडबुक 2021-22 जारी की है।

 

 

77

अभी तक इंजीनियरिंग के स्नातक पाठ्यक्रम बी.ई/बी.टेक के लिए गणित और भौतिक अनिवार्य विषय थे। अब विद्यार्थियों को भौतिक, रसायन, गणित, जीव विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रोनिक, आईटी, इंफॉर्मेशन प्रैक्टिस, बिजनेस स्टडी आदि विषयों में से तीन विषयों को चुनना होगा। आरक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए बारहवीं में 40 फीसदी और अनारक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए 45 फीसदी अंको की जरूरत होगी।

 

 

 

 

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

Recommended Stories