करियर डेस्क : यूपीएससी क्लीयर करना हर युवा का सपना होता है। हर साल लाखों की संख्या में उम्मीदवार यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में शामिल होते हैं और उनमें से कुछ परीक्षा पास कर IAS, IPS ऑफिसर बनते हैं। कई बार एक दो बार में एग्जाम न क्लीयर कर पाने पर एस्पिरेंट हताश और निराश हो जाते हैं या फिर तैयारी के दौरान काफी तनाव में होते हैं, ऐसे ही कैंडिडेट्स को सफलता का मंत्र देते हैं आईएएस ऑफिसर विनायक महामुनि (IAS Vinayak Mahamuni) वे सोशड मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और हमेशा फनी मीम्स शेयर करते हैं ताकि यूपीएससी की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स का मूड फ्रेश रहे। महामुनि स्टूडेंट्स का हौसला भी बढ़ाते हैं। जानिए 5वे अटेंप्ट में यूपीएससी क्लीयर करने वाले विनायक महामुनि के बारें में और क्या है उनका सक्सेस मंत्र...
जब महिला के गेटअप में दिखे IAS विनायक महामुनि
चार बार के प्रयास में खुद भी यूपीएससी न पास कर पाने वाले विनायक महामुनि ने जब पांचवे अटेंप्ट में परीक्षा पास की तो उन्होंने तैयारी कर रहे युवाओं की मदद की सोची। वे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और यूपीएससी एस्पिरेंट का मूड लाइट करने और हौसला बढ़ाने कई तरह के फनी मीम्स शेयर करते रहते हैं। अब इस फोटो को ही देख लीजिए, जो उनके ट्रेनिंग के दौरान की है, जिसमें वे महिला के गेटअप में नजर आ रहे हैं।
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अमेरिका की जॉब छोड़ शुरू की तैयारी
विनायक महामुनि महाराष्ट्र (Maharashtra) के लातूर (Latur) के रहने वाले हैं। साल 2012 में उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से पेट्रो-केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और तीन साल तक अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी IBM में जॉब की। यहां उन्हें अच्छा खासा पैकेज मिलता था लेकिन तीन साल बाद 2015 में उन्होंने जॉब छोड़ दी और यहीं से स्टार्ट की अपने सिविल सर्विसेज का सफर।
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तीन बार प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाए
जॉब छोड़ने के बाद महामुनि ने यूपीएससी की तैयारी के लिए पुणे में एक कोचिंग जॉइन कर ली। साल 2016 में वे दिल्ली चले गए और यहां सेल्फ स्टडी से तैयारी करने लगे। इसके बाद जब एग्जाम में अपीयर हुए तो उन्हें सफलता नहीं मिली। फिर बैक टू बैक तीन बार तो वे प्रीलिम्स तक क्लीयर नहीं कर पाए। इसके बाद वे वापस प्राइवेट जॉब की तरफ लौटने की सोचने लगे।
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फैमिली, फ्रेंड्स और हार्ड वर्क ने दिला दी सफलता
लगातार हार से विनायक महामुनि हताश होने लगे थे लेकिन तभी उनके दोस्तों और फैमिली ने उन्हें मोटिवेट किया और उन्होंने और भी कठिन मेहनत की। इसी का नतीजा रहा कि चौथी बार उन्होंने सिर्फ प्रीलिम्स पास की बल्कि मेंस परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंच गए लेकिन एक बार फिर उन्हें सफलता नहीं मिली। इस बार उनका हौसला काफी बढ़ा हुआ था और उन्होंने 2020 में फिर से परीक्षा दी। इस बार यूपीएससी को क्लीयर करते हुए उन्होंने 95वीं रैंक हासिल की।
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जम के मेहनत करें, डटे रहिए
महाराष्ट्र कैडर के आईएएस विनायक महामुनि अब जब अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं तो वे यूपीएससी की तैयारी करने वालों का हौसला बढ़ाते रहते हैं। वे जानते हैं कि यूपीएससी पास करना कितना कठिन है और कई बार छात्र कितने हताश हो जाते हैं। उन्हें निगेटिव चीजों से बचने की सलाह देते हुए विनायक कहते हैं कि कभी भी मेहनत से पीछे मत हटिए, डटे रहिए, एक दिन सफलता मिलनी ही मिलनी है।