Published : Feb 24, 2022, 12:33 PM ISTUpdated : Feb 24, 2022, 01:14 PM IST
करियर डेस्क : पूरी दुनिया की तमाम कोशिशों के बाद रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच जंग शुरू हो चुकी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के ऐलान के बाद यूक्रेन में कई जगह धमाके हुए हैं। इसे लेकर कहा जा रहा है कि दुनिया तीसरे विश्व युद्ध (third world war) की ओर बढ़ रही है। जिसके बाद दोनों देशों पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई है। ऐसे में आज हम आपको बताते है यहां की डॉक्टरी के पढ़ाई के बारे में, कि क्यों पूरी दुनिया के लोग यहां MBBS करने जाते है और भारत से यहां की पढ़ाई कितनी सस्ती होती है...
रूस और यूक्रेन के बीच बिगड़ते हालातों के बीच मंगलवार रात यूक्रेन से पहली फ्लाइट से 250 से अधिक लोग भारत लौटे है। इसमें कई स्टूडेंट्स भी शामिल है, जो मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए हुए थे।
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बताया जा रहा है कि अभी 20 हजार भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए है, जो लोग वहां से निकलकर आए उन्हें भी सात से आठ घंटे पहले लाइन में लगना पड़ा रहा, फिर कहीं जाकर टिकट मिला और तो और एक टिकट के लिए करीब 50 हजार रुपए तक देने पड़ रहे हैं।
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बता दें कि भारत से हर साल हजारों छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन जाते है। इस वक्त करीब 20,000 भारतीय स्टूडेंट्स यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है फीस, क्योंकि भारत के मुकाबले यूक्रेन में मेडिकल की फीस बहुत कम है।
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दुनिया के अधिकतर निजी कॉलेज में मेडिकल पढ़ाई का खर्च बहुत ज्यादा होता है। भारत में जहां मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए किसी निजी कॉलेज की फीस एक करोड़ रुपए तक होती है। तो वहीं, अमेरिका में 8 करोड़, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा में भी चार करोड़ का खर्च एमबीबीएस के लिए आता है। जबकि, यूक्रेन में डॉक्टर की डिग्री मात्र 25 लाख रुपए में मिल जाती है।
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दूसरी कारण ये है कि भारत में अभी एमबीबीएस की करीब 88 हजार सीटें हैं। जिसमें लगभग 8 लाख से ज्यादा उम्मीदवार बैठते है। यानी करीब 7 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों का डॉक्टर बनने का सपना हर साल अधूरा रह जाता है। ऐसे में छात्र यूक्रेन जाकर मेडिकल की पढ़ाई करते हैं।
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इतना ही नहीं, यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई तुलनात्मक रूप से काफी बेहतर बताई जाती है। यहां से हर साल पूरी दुनिया के लाखों लोग मेडिकल की डिग्री लेकर निकलते हैं।
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यूक्रेन से पढ़ाई पूरी कर के लौटने के बाद अगर भारत में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एक्जामिनेशन (FMGE) पास कर लिया जाए, जो नौकरी की पुख्ता गारंटी भी हो जाती है। लेकिन कई बार भारतीय मेडिकल छात्रों के साथ यूक्रेन में मुसीबत आई है।
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रूस और यूक्रेन विवाद से पहले भी 10 अप्रैल 2016 में भी भारतीय मेडिकल छात्र यूक्रेन में असुरक्षित हो गए थे। दरअसल, 2016 में यूक्रेन के उझगोरोड मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले तीन भारतीय छात्रों पर हमला कर दिया गया जिसमें से दो की मौत हो गई थी।
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यूक्रेन में बेस्ट मेडिकल यूनिवर्सिटी
ज़ापोरिज्जिया स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (ज़ापोरिज्ज्या शहर)
नेशनल पिरोगोव मेमोरियल यूनिवर्सिटी (विनित्स्या शहर)
इवानो-फ्रैंकिव्स्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी (इवानो-फ्रैंकिव्स्क शहर)
Danylo Halytsky Lviv राष्ट्रीय चिकित्सा विश्वविद्यालय (Lviv शहर)
सुमी स्टेट यूनिवर्सिटी (सुमी सिटी)
वी. एन. करज़िन खार्किव राष्ट्रीय विश्वविद्यालय (खार्किव शहर)
टेरनोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (टर्नोपिल सिटी)
बोगोमोलेट्स नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी (कीव शहर)
खार्किव राष्ट्रीय चिकित्सा विश्वविद्यालय (खार्किव शहर)