हेल्थ डेस्क: बचपन से हम सुनते आ रहे है कि दूध (Milk) पीने से हम स्ट्रांग बनते है। बच्चे से लेकर बड़े तक को दूध पीने की सलह दी जाती है। लेकिन छोटे बच्चों का दूध पिलाना किसी मुश्किल टास्क से कम नहीं होता है और कई बार तो ऐसा होता है कि जैसे ही हम बच्चे को दूध पिलाते हैं, वह उल्टी (vomiting) कर देते हैं। वहीं, कुछ बच्चों को दस्त (loose motions) हो जाते हैं। ऐसे में दूध पीने के बाद अगर बच्चा बार-बार उल्टी-दस्त करता है, तो आप ये घरेलू टिप्स अपना सकते हैं....
दरअसल, नवजात बच्चों से लेकर 18 महीने तक के बच्चों की फूड पाइप पूरी तरह से डेवलेप नहीं होती है। ऐसे में जब भी वह दूध पीते हैं या कुछ खाते हैं, तो उसे मुंह और नाक से बाहर निकाल देते हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कई बार ज्यादा दूध पिलाने से नाक या मुंह से दूध निकल सकता है।
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जब बच्चे दूध पीते हैं तो दूध आहार नली से अमाशय में जाता है। फिर पाचन रस में मिलकर छोटी आंत से बड़ी आंत में जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि दूध अमाशय से आहार नली से होते हुए वापस आ जाता है। इससे बच्चे बार-बार उल्टी करने लगते है और उनके पेट में भी दर्द होने लगता है।
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अगर आपका बच्चा दूध ढंग से नहीं पचा पाता है और उसे बार-बार पेट दर्द की समस्या होने लगती है, तो इसे लेक्टोज इनटोलरेंस यानी दूध ना पचना कहते हैं। हमारे देश में लगभग तीन से चार फीसदी बच्चे लेक्टोज इनटोलरेंस से पीड़ित होते हैं।
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हर मां का सवाल होता है कि दूध तो बच्चे का मेन आहार होता है। ऐसे में अगर किसी बच्चे को लेक्टोज इनटोलरेंस (lactose intolerance) है तो उसे दूध की जगह क्या और दिया जाएं? डॉक्टर कहते हैं कि लेक्टोज इनटोलरेंस से पीड़ित बच्चों को दूध की जगह दही और पनीर दिया जा सकता है।
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लेक्टोज इनटोलरेंस की स्थिति में बच्चे दूध पीने के बाद उल्टी दस्त करना शुरू कर देते हैं। जिससे उन्हें कमजोरी होने लगती है। इसके अलावा बच्चों की इम्युनिटी पर भी असर पड़ता है और बच्चा बार-बार बीमार होने लगता है।
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अगर छोटे बच्चों को दूध पीने से उल्टी होती है तो आप उन्हें कभी भी इकट्ठा दूध नहीं पिलाएं। आप हमेशा छोटे-छोटे बैच में उन्हें दूध पिलाने की कोशिश करें, इससे उन्हें ज्यादा दूध पीने से उल्टी नहीं होगी।
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बच्चों को दूध पिलाने के बाद तुरंत उन्हें बिस्तर पर ना लिटाएं। कोशिश करें कि उनको 30 मिनट तक सीधा बैठा कर रखें और उनकी पीठ को थपथपाते हुए उन्हें डकार जरूर दिलाएं।
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बच्चों की उल्टी दस्त को कभी भी हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे उनके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। अगर बच्चे की उल्टी का रंग भूरा है और उसे लगातार दस्त भी हो रहे है, तो यह चिंता की बात है। ऐसे में डॉक्टर उसको जरूर दिखाएं, क्योंकि यह बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है।
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छोटे बच्चों को बहुत ज्यादा गाढ़ा या फुल क्रीम दूध ना दें। अगर आप उन्हें फार्मूला मिल्क की जगह गाय या भैंस का दूध पिला रहे, तो उसमें थोड़ा सा पानी डालकर उन्हें पिलाएं। इससे वह आसानी से दूध पचा सकेंगे।
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दूध में लेक्टोज तत्व (lactose) की भरपूर मात्रा पाई जाती है जिसके कारण इसे पचने में समय लगता है। कई बार इसका सेवन करने से बच्चों को पेट दर्द, अपच और एसिडिटी की समस्या भी हो जाती है। इससे बचने के लिए बच्चों को कभी भी बहुत गर्म दूध नहीं पिलाएं।
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