Published : Nov 14, 2021, 04:39 PM ISTUpdated : Nov 14, 2021, 04:48 PM IST
भोपाल : अपने चिरपरिचित अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) का एक बार फिर जुदा अंदाज देखने को मिला है। जनजातीय संग्रहालय में 'जनजातीय रणबांकुरे' की फोटो गैलरी का लोकार्पण करने पहुंचे सीएम शिवराज ने आदिवासियों के साथ जमकर डांस किया और गाना गाया। आदिवासियों ने भी गीत गाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में सीएम करीब एक घंटे तक रहे। शिवराज सिंह चौहान का यह अंदाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के स्वागत से एक दिन पहले दिखा है। पीएम सोमवार को जनजातीय गौरव दिवस महासम्मेलन में शामिल होने भोपाल (Bhopal) आ रहे हैं। तस्वीरों में देखें शिवराज का जुदा अंदाज...
शिवराज सिंह चौहान आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा में ही कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान जनजातीय संस्कृति, कला, गीत-संगीत की झलक देखने को मिली। आदिवासियों ने 'हमरो द्वार में अतिथि आयो रे...' गीत गाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
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इस दौरान मुख्यमंत्री खुद को रोक नहीं पाए और आदिवासी पारंपरिक गीत पर वे जमकर झूमे। इतना ही नहीं उन्होंने गाना भी गाया। कार्यक्रम में एक घंटे रहे सीएम ने अपने इस अंदाज से सभी का मन मोह लिया।
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सीएम शिवराज ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा, मन का आनंद गीत है और आत्मा का आनंद नृत्य। प्रकृति की गोद में कई पीढ़ियों के संस्कार से पल्लवित हमारी जनजातीय संस्कृति, लोक नृत्य और लोक गीत अपनी खनक से थिरकने को उत्साहित करते हैं। जनजातीय भाई-बहनों के साथ आनंद के यह क्षण अविस्मरणीय रहेंगे।
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उन्होंने कहा कि भोपाल में जनजातीय रणबांकुरे फोटो गैलरी के लोकार्पण कार्यक्रम में हमारे जनजातीय भाई-बहनों ने जिस अप्रतिम स्नेहिल भाव से पारंपरिक विधि से स्वागत किया, उसके लिए उन्हें हृदय से धन्यवाद देता हूं। आप सबका यह स्नेह मेरे जीवन की अक्षय पूंजी है।
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जनजातीय समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने लिखा, मेरे जनजातीय भाई-बहनों के बीच अद्भुत आनंद के पल गीत-संगीत, नृत्य के साथ बिताए। उनका जीवन बेहद सरल, सहज और प्रकृति के करीब है। अद्भुत है हमारी जनजातीय संस्कृति, कला, गीत-संगीत, वेशभूषा और परंपराएं, जिसमें आनंद, उल्लास और उत्साह की त्रिवेणी का संगम है। आज जनजातीय भाई-बहनों से मिलकर सुखद अनुभूति की प्राप्ति हुई।
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सीएम शिवराज कला और संगीत के बेहद करीब नजर आते हैं। कार्यक्रम में जिस तरह से जनजातीय समूह ने कला और कौशल का प्रदर्शन किया है वह उससे बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि कला, संगीत और लोकगीत की धरोहर को प्रवाहमान रखने वाले हमारे जनजातीय भाई-बहनों के लिए लोकनृत्य सिर्फ उनके जीवन का अभिन्न अंग ही नहीं, बल्कि आत्मा को अप्रतिम आनंद देने वाला अलौकिक माध्यम है।
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उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, शंकर शाह, रघुनाथ शाह, शंकर शाह, खाज्या नायक, भीमा नायक, टंट्या भील जैसे कई जनजातीय नायकों के जीवन पर आधारित 'जनजातीय रणबांकुरे' फोटो गैलरी उनके योगदान से युवाओं को परिचित और प्रेरित करेगी।
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ये आदिवासी 15 नवंबर को भोपाल आ रहे प्रधानमंत्री मोदी के सामने भी प्रस्तुति देंगे। जंबूरी मैदान में जनजातीय सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें गुदुम बाजा नृत्य, सैला नृत्य, ठात्या नृत्य, घोड़ीपैठाई नृत्य और भगोरिया नृत्य शामिल हैं।
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