Published : May 19, 2022, 08:32 AM ISTUpdated : May 19, 2022, 08:34 AM IST
गुवाहाटी, असम में बाढ़ (Flood in Assam) और भूस्खलन(Landslide) ने भयंकर तबाही मचा दी है। राज्य के 27 जिलों में 6 लाख से अधिक लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। 9 लोगों की मौत होना बताई जा रही है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में 27 लोगों ने जान गंवाई है, जबकि 37 लाख लोगों को विस्थापित करना पड़ा है। बाढ़ से 150000 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। आशंका है कि नुकसान का सही आकलन बाढ़ का पानी उतरने के बाद ही पता चलेगा। साथ ही आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में महामारी, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विनाश और रोजी-रोटी का संकट खड़ा होगा। असम में करीब हर साल ऐसी बाढ़ आने लगी है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग(India Meteorological Department) ने असम सहित पूर्वोत्तर भारत में फिर से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देखिए असम में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही की कुछ तस्वीरें..
पहली तस्वीर असम की बराक घाटी में स्थित बद्री ब्रिज(Badri Bridge) की है। फोटो क्रेडिट-Dipalay dev। जबकि दूसरी तस्वीर में सेना के जवान रेस्क्यू करते हुए।
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असम के करीब 27 जिलों के 6 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से बहुत बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। 48 हजार से ज्यादा लोगों को 248 राहत शिविरों में भेजा गया है। होजई और कछार बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं। सेना ने अकेले होजई जिले से 2 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है।
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, असम सरकार ने बाढ़ और भूस्खलन के कारण राज्य के अन्य हिस्सों से संपर्क कट जाने के बाद बराक घाटी में फंसे यात्रियों को बचाने के लिए क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाईबिग एयरलाइन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अगले 10 दिनों तक ये उड़ानें संचालित होंगी। हर दिन 70-100 फंसे यात्री निकाले जाएंगे। सरकार एयरलाइन को सब्सिडी का लाभ देगी।
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असम के होजई जिला बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के जवान लगातार बचाव अभियान चला रहे हैं। वे बाढ़ प्रभावित गांवों से लोगों को निकालने में लगे हैं।
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twitter पर पहली तस्वीर शेयर करते हुए आलम सरफराज(@Alam10Ansari) ने लिखा-इंसानियत की महानता इंसान होने में नहीं बल्कि मानवीय होने में है। दूसरी तस्वीर में रेस्क्यू करती टीम।
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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(Assam State Disaster Management Authority) की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले कछार जिले में 50 हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं।
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रेलटेल की वाई-फाई सुविधा(RailTel’s Wi-Fi facility) ने गुवाहाटी एक्सप्रेस और गुवाहाटी-सिलचर एक्सप्रेस ट्रेनों में सवार 1,000 से अधिक यात्रियों की मदद की। यहां मोबाइल नेटवर्क ठप हो गया है।
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राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (State Disaster Response Fund-SDRF), अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के अलावा असम राइफल्स व भारतीय वायु सेना (IAF) रेस्क्यू अभियान चला रहा है।
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असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए दो दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बातचीत करके हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
बाढ़ और भूस्खलन से रेलवे यातायात बाधित हो गया है। सेना, अर्धसैनिक बलों, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं, एसडीआरएफ, नागरिक प्रशासन और प्रशिक्षित स्वयंसेवक रेस्क्यू में लगे हैं।