Published : Jul 13, 2022, 12:24 PM ISTUpdated : Jul 13, 2022, 12:26 PM IST
श्रीनगर. श्रीनगर के लाल बाजार इलाके में एक नाका पार्टी(नाकाबंदी) पर आतंकी हमले में शहीद हुए ASI मुश्ताक अहमद की बहादुरी को सलाम करने सेना और पुलिस के कई अफसर उनके घर पहुंचे। इस मौके पर जाबांज मुश्ताक की फैमिली का रो-रोकर बुरा हाल था। लेकिन उन्हें गर्व भी था। यह हमला अमरनाथ यात्रा के हाई अलर्ट(high alert for amarnath yatra) के बीच हुआ। ADGP कश्मीर क्षेत्र विजय कुमार ने कहा कि हमले की जगह के CCTV फुटेज का एनालिसिस किया जा रहा है। इस आतंकी हमले में दो और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। ADGP के अनुसार चूंकि 12 जुलाई को ईद अल-अधा का तीसरा दिन था, इसलिए बाजार में भारी भीड़ थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक नाका लगाया गया था। इलाके में पुलिस की एक छोटी टीम तैनात की गई थी। इस टीम में ASI और दो अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। इसलिए आतंकवादियों ने इसका फायदा उठाया और नाका पार्टी पर अंधाधुंध गोलीबारी की। पढ़िए कुछ अन्य जानकारियां...
मुश्ताक अहमद दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के सोच गांव(Soch village) के रहने वाले थे। यह आतंकी हमला मंगलवार शाम(12 जुलाई) की शाम करीब 7:15 बजे हुआ। आतंकवादियों ने जीडी गोयनका स्कूल के पास लाल बाजार इलाके में पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।
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आतंकवादियों ने पिस्तौल से पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। आतंकवादियों की घेराबंदी की जा रही है। यह हमला उस समय हुआ, जब इससे एक दिन पहले सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के टॉप आतंकवादी कैसर कोका और एक अन्य को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में मार गिराया था।
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आतंकवादी लगातार पुलिस पर अटैक कर रहे हैं। साल की शुरुआत से अब तक जम्मू-कश्मीर के करीब 10 पुलिस जान गंवा चुके हैं। जबकि पिछले साल 42 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। इनमें आधे (21) जम्मू-कश्मीर पुलिस के थे।
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शहीद ASI मुश्ताक अहमद को अंतिम सम्मान देने के लिए श्रीनगर के जिला पुलिस लाइन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां ADGP कश्मीर विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस/CAPF और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।