Published : Nov 08, 2021, 10:32 AM ISTUpdated : Nov 08, 2021, 10:34 AM IST
चेन्नई. वर्ष, 2015 में चेन्नई में भारी बारिश(Heavy Rain) ने भयंकर तबाही मचाई थी। तब 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि तब के हादसे से चेन्नई ने सबक लिया, इसलिए इस बार स्थिति बेकाबू नहीं हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 4 दिनों तक फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यानी 8 से 11 नवंबर तक चेन्नई, विल्लुपुरम, कुड्डालोर जैसे उत्तरी क्षेत्रों और मयिलादुथुराई और नागपट्टिनम जिलों के डेल्टा क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी पुडुचेरी और करियाक्कल में भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लोग दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में समुद्र की ओर न जाएं। देखें twitter पर शेयर की गईं बाढ़ग्रस्त चेन्नई की कुछ तस्वीरें और जानें पूरा हाल...
अक्टूबर की शुरुआत से अब तक तमिलनाडु में औसतन, जबकि चेन्नई में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। बता दें कि चेन्नई और पड़ोसी जिलों में शनिवार रात से रविवार तक हुई तेज बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया।
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भारी बारिश का आलम यह रहा कि प्रशासन को 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना पड़ा। इससे पहले दिसंबर 2015 में चेन्नई में भारी बारिश ने तबाही मचाई थी।
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भारतीय मौसम विभाग(IMD) ने बताया कि एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी तटीय तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में बना हुआ है। 9 नवंबर तक एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह तमिलनाडु के तट की तरफ बढ़ेगा। इससे 11 नवंबर तक फिर भारी बारिश की संभावना है।
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हालांकि मौसम विभाग इसे जलवायु परिवर्तन(Climate change) के कारण नहीं है। इससे पहले नवंबर में चेन्नई में सबसे अधिक यानी रिकॉर्डतोड़ बारिश 1976 में हुई थी। यह तस्वीर बाढ़ग्रस्त चेन्नई की निगम की इमारत रिपून बिल्डिंग (Corporation building-Ripoon Building) की है। बारिश के कारण यहां भी पानी भर गया था।
यह तस्वीर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन(M. K. Stalin) की है। वे मुख्य सचिव वी इरई अनबु सहित शीर्ष अधिकारियों के साथ कई जलमग्न इलाकों का दौरा करने निकले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने tweet करके तमिलनाडु को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।