Published : Aug 29, 2020, 09:22 AM ISTUpdated : Aug 29, 2020, 09:33 AM IST
नई दिल्ली. आमतौर पर सावन यानी जुलाई से मध्य अगस्त में मानसून अधिक मेहरबान रहता है, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ। सावन में मानसून की बेरुखी के चलते लोगों को अल्पवर्षा की आशंका लगने लगी थी। लेकिन सावन जाते-जाते और भादौ आते ही मानसून जो बरसा कि कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ डाला। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग(IMD) की रिपोर्ट बताती है कि अगस्त में देश में 44 साल बाद इतनी अधिक बारिश हुई है। इससे पहले 1976 में मानसून इतना मेहरबान हुआ था। यानी 1 से 28 अगस्त तक देश में 296.2 मिमी बारिश हो चुकी है। यह औसत से 25 प्रतिशत अधिक है। हालांकि अब पूर्वानुमान है कि सितंबर में मानसून धीमा हो जाएगा। IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इस साल मानसून समान रूप से पूरे देश में सक्रिय रहा। मध्य भारत में मानसून 57% अधिक रहा। वहीं, दक्षिण भारत में 42% ज्यादा। पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में 18% अधिक बारिश हुई। पश्चिम उत्तर भारत में 25% अधिक, तो उत्तर-पश्चिम भारत में 1% अधिक बारिश रही। देखें कुछ तस्वीरें...
यह तस्वीर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार की है। यहां नदी उफनने से रास्ते जाम हो गए।
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मध्य प्रदेश के इंदौर में भी जगह-जगह पानी भर गया।
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मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से बांध के गेट खोलने पड़े।
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गुजरात के वांसदा में केलिया डैम ओवरफ्लो हुआ।
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पटना में पुनपुन नदी में बाढ़।
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दिल्ली में बारिश के चलते जगह-जगह जाम लगा।
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हिमाचल प्रदेश के कुल्ले में बारिश में पेड़ गिरने से कार दबी।
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