Rajasthan:शहीद को 5 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पिता बोले- पोते को सेना में भेजूंगा, 10KM तिरंगा यात्रा निकाली

Published : Dec 08, 2021, 09:11 AM IST

सीकर। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के बारामूला (Baramulla) जिले में एक ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए जवान भगवान राम नेहरा (Jawan Bhagwan Ram Nehra) का मंगलवार को उनके पैतृक घर राजस्थान (Rajasthan) के सीकर (Sikar) जिले में अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के 5 साल के बेटे हर्षित ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने नम आंखों से नेहरा को आखिरी विदाई दी। शहीद नेहरा यहां ढोड क्षेत्र के दुगोली गांव के रहने वाले थे। उनके पिता ने कहा कि उन्हें बहुत दुख और पीड़ा है। लेकिन, अपने बेटे पर गर्व भी है, जिसने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा- ‘मैं अपने पोते को अच्छी शिक्षा दिलाऊंगा और उसे भी देश की सेवा के लिये भेजूंगा।’ नेहरा का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया गया और लोगों ने ‘भगवान राम अमर रहें’ और भारत माता की जय’ के नारे लगाए। तस्वीरों में देखिए नेहरा को दी गई अंतिम विदाई....  

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Rajasthan:शहीद को 5 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पिता बोले- पोते को सेना में भेजूंगा, 10KM तिरंगा यात्रा निकाली

3 दिन पहले बारामूला सेक्टर में आतंकियों के सर्च ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के हवलदार भगवान राम नेहरा शहीद हो गए थे। पार्थिव देह सोमवार रात सीकर के सैनिक कल्याण बोर्ड ऑफिस पहुंची।

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 मंगलवार सुबह 9 बजे शव को पैतृक गांव दुगोली ले जाया गया था। शहीद को आखिरी विदाई देने 10 किलोमीटर तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। 

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युवाओं ने ये यात्रा पालवास बाइपास से जवान के घर तक निकाली। गांव के रास्ते में लोगों ने फूल बरसाए। दुगोली गांव में डेढ़ हजार से ज्यादा लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। 

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रास्ते में हर जगह फूल बरसाकर शहादत को सलाम किया गया। मां और पत्नी इंदू देवी रोते-रोते बेसुध हो गईं। छोटा भाई की आंखें भी नम थीं। 

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वह पिता और 5 साल के भतीजे को संभालते दिखे। रोते हुए घरवालों ने जवान को विदाई दी। इस दौरान सेना के जवान भी मौजूद रहे।

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देश और शहीद की जय के नारे लगाए गए। पिता ने कहा कि मेरा बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ है। मुझे इस बात पर गर्व है। 

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अब पोते को भी पढ़ाई के साथ सेना की तैयारी करवाकर देश सेवा में समर्पित करूंगा। शहीद के पिता ने कहा कि पहले मेरे पिता सेना में थे। इसके बाद बड़ा भाई और छोटा भाई भी सेना में भर्ती हुए। 1971 में सेना में नौकरी के दौरान ही बड़े भाई की मौत हो गई।

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एसपी राष्ट्रदीप ने कहा कि शेखावाटी एक मात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां से सेना में सबसे ज्यादा जवान भर्ती हुए हैं। यहां के हर युवा के दिल में देश भक्ति का जज्बा है। शहीद भगवानाराम की शहादत से युवा प्रेरित होंगे।
 

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