प्लांटेशन के साथ अयोध्या में मस्जिद का शिलान्यास, इस स्वतंत्रता सेनानी को हो सकती है समर्पित

Published : Jan 26, 2021, 08:35 AM ISTUpdated : Jan 26, 2021, 02:33 PM IST

अयोध्या (Uttar Pradesh) । अयोध्या में आज गणतंत्र दिवस के मौके पर मस्जिद निर्माण का सांकेतिक शिलान्यास किया गया। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुफर फारूकी व विशेष आमंत्रित ट्रस्ट के 6 सदस्यों ने एक-एक पौधे का रोपण किया। इससे पहले ध्वजारोहण किया गया। मदरसा के बच्चों ने राष्ट्रगान गाया।    

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प्लांटेशन के साथ अयोध्या में मस्जिद का शिलान्यास, इस स्वतंत्रता सेनानी को हो सकती है समर्पित

बताते चले कि मस्जिद को दो फ्लोर का बनाया जाएगा। इसमें महिलाओं के लिए अलग स्पेस होगा। जहां एक साथ 2 हजार लोग नमाज पढ़ सकेंगे। इतना ही नहीं कैंपस में म्यूजियम, लाइब्रेरी और एक कम्युनिटी किचन भी बनेगा। 
 

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हॉस्पिटल को 24 हजार 150 स्क्वायर मीटर में बनाया जाएगा। 200 से 300 बेड का एक हॉस्पिटल भी यहां रहेगा। सूत्रों की माने तो हॉस्पिटल पर करीब 100 करोड़ रुपए का खर्च आ सकता है।

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26 जनवरी को यहां की पांच एकड़ जमीन पर ग्रीनरी प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा। मस्जिद परिसर में देश विदेश के पौधों जिसमें अमेजन के जंगलों व आस्ट्रेलिया से लेकर अन्य देशों व भारत के विभिन्न प्रांतों के पौधों का संकुल तैयार किया जाएगा।

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बताते चले कि मस्जिद में गुम्बद नहीं होगा। इस डिजाइन को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वास्तु विभाग के डीन और एमएस अख्तर ने तैयार किया है। जिनके मुताबिक मस्जिद 3500 स्क्वायर मीटर में बनेगी, इमारत ईको-फ्रेंडली होगी और इसमें सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया जाएगा। 
 

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धन्नीपुर गांव पहुंचे गुंजन लैब के सुपरवाइजर देवधर यादव ने बताया कि जमीन के 20 फीट नीचे खोदकर मिट्टी निकालने का काम शुरू किया गया है। जैसे ही 20 फुट नीचे हम पहुंचेंगे उसकी मिट्टी निकाल कर टेस्ट के लिए लैब में ले जाया जाएगा।

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चर्चा है कि कि हास्पिटल  का नामकरण 1857 विद्रोह के स्वतंत्रता सेनानी अहमदुल्ला शाह के नाम से हो सकता है। जिनक जन्म 1787 में हुआ था। जिनका अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह के कारण 5 जून 1858 को कत्ल कर दिया गया था। ब्रिटिश अधिकारी जॉर्ज ब्रूस मल्लेसन ने ‘हिस्ट्री ऑफ इंडियन म्यूटिनी’ नाम की किताब में अहमदुल्ला शाह की वीरता और संगठनात्मक क्षमता के बारे में लिखा था। जिसे 6 भागों में लिखी गई है।

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