जेल से नहीं छूटेगी मृतक गैंगेस्टर की पत्नी, पुलिस ने कहा- उसे वारदात की जानकारी थी लेकिन झूठ बोला

Published : Jul 18, 2020, 11:49 AM IST

कानपुर(Uttar Pradesh). कानपुर के बिकरू कांड में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी को जेल से नहीं रिहा किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खुशी को इस पूरे मामले की जानकारी थी लेकिन पुलिस पूछताछ में उसने झूठ बोल दिया था। गौरतलब है कि बीते 29 जून को ही खुशी की शादी अमर दुबे से हुई थी, वहीं शादी के दो दिन बाद ही बिकरू कांड हो गया जिसमे 8 पुलिस कर्मियों की निर्मम हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने खुशी को भी आरोपी बनाकर जेल भेजा था जबकि उसके पति अमर को 8 जुलाई को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया था।

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जेल से नहीं छूटेगी मृतक गैंगेस्टर की पत्नी, पुलिस ने कहा- उसे वारदात की जानकारी थी लेकिन झूठ बोला

मुठभेड़ में मारे गए बदमाश अमर दुबे की 29 जून को शादी हुई थी। दो दिन बाद ही बिकरू कांड हो गया। पुलिस ने खुशी को भी साजिश रचने के आरोप में जेल भेजा था। बाद में पुलिस उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने की वजह से रिहा कराने की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन अब पुलिस को साक्ष्य मिल गए हैं।
 

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एसएसपी दिनेश कुमार पी का कहना है कि खुशी को भी घटना की जानकारी थी। इसलिए उसको भी आरोपी बनाया गया है। वहीं शुक्रवार को शादी का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह प्रभात मिश्र के साथ डांस करते नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि उसके परिजनों ने बताया था कि जबरन शादी हुई थी। वीडियो से ऐसा नहीं दिख रहा है। वहीं पूछताछ में भी ये बात सामने नहीं आई है। 

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वही दूसरी ओर जेल भेजे गए गैंगस्टर विकास दुबे के साथी शशिकांत पांडेय की पत्नी मनु के खिलाफ साजिश रचने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब मनु को भी जेल भेजेगी। फिलहाल मनु से पूछताछ चल रही है। पुलिस का कहना है कि मनु ने जानबूझ कर पुलिस को घुमाती रही उसे वारदात होने की जानकारी थी।

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पुलिस अफसरों का कहना है कि मनु ने पुलिस को सूचना देने के बजाय साजिश में शामिल होकर आरोपियों का साथ दिया। बिकरू कांड के बाद मुठभेड़ में मारे गए प्रेम प्रकाश पांडेय की बहू व जेल भेजे गए शशिकांत की पत्नी मनु पांडेय के एक के बाद एक चार ऑडियो वायरल हुए थे। ये ऑडियो वारदात से पहले की तैयारी से लेकर पुलिसकर्मियों को मारने के बाद तक के हैं।
 

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शुरू में मनु झूठ बोलकर घटनाक्रम को छिपाने में लगी थी। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरे राज उगल दिए। उसने बताया कि सबसे पहले उसके घर के दरवाजे पर विकास दुबे और अन्य आरोपियों ने मिलकर दो से तीन पुलिस कमियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 
 

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डीएसपी देवेंद्र मिश्र जान बचाने को उसके घर में कूदे गए थे। तभी विकास, प्रेम प्रकाश पांडेय, अमर, प्रभात, बउआ भी वहां पहुंचे और डीएसपी की नृशंस हत्या कर दी थी। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि मनु के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। तस्दीक कराई जा रही है। जल्द उसे जेल भेजा जाएगा। जांच के लिए उसके वॉयस सैंपल के साथ वायरल रिकॉर्डिंग फोरेंसिक लैब भेजी गई है।

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मनु की सास की तबियत काफी खराब है, मनु के आलावा कोई और उसकी देखभाल के लिए नहीं है। इसलिए पुलिस ने मनु को गिरफ्तार करने के बजाय हाउस अरेस्ट कर रखा है। घर पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। प्रत्यक्षदर्शी होने के नाते मनु से बड़ा कोई और गवाह नहीं हो सकता। इसलिए पुलिस ने सरकारी गवाह बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। 
 

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