Published : Oct 04, 2021, 09:50 AM ISTUpdated : Oct 04, 2021, 10:03 AM IST
इस्लामाबाद. Pandora Paper लीक ने पाकिस्तान में इमरान खान एंड कंपनी के टैक्स चोरी के बड़े 'खेल' का पर्दाफाश किया है। 'भ्रष्टाचारमुक्त पाकिस्तान' का नारा लगाने वाले खान ने पूरा पाकिस्तान खोखला कर दिया। बता दें कि इन्वेस्टिगेशन जर्नलिज्म करने वाली ICIJ (इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स) की एक रिपोर्ट ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह ठीक पनामा लीक जैसा मामला है। Panama Paper Leak से दुनियाभर के कई बड़े नाम सामने आए थे, जिन्होंने ब्लैकमनी को व्हाइट में करने जोड़-तोड़ किए थे। पैंडोरा पेपर (Pandora Paper) में सबसे चौंकाने वाला नाम पाकिस्तान का है। पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, जबकि वहां के प्रधानमंत्री सहित कई मंत्री और अधिकारी अपनी प्रॉपर्टी बचाने टैक्स चोरी कर रहे हैं। पाकिस्तान कर्ज लेकर काम चला रहा है, जबकि इमरान एंड बड़े-बड़े पाकिस्तानियों ने सारा पैसा विदेशों में इन्वेस्ट कर दिया। इन रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि सरकारी अधिकारियों को किनारे लगाकर पॉलिटिकल और मिलिट्री फील्ड से जुड़े कुलीन वर्ग(elites) ने लग्जरी अपार्टमेंट खरीदे और शेल कंपनियां बनाईं। इन फर्जी कंपनियों के जरिये टैक्स चोरी की।
भ्रष्टाचार मुक्त पाकिस्तान की नारा देकर सुपरस्टार बनकर चमके थे इमरान
बंटवारे के बाद से ही पाकिस्तान की आर्थिक हालात खराब रही है। 2018 के आम चुनावों में क्रिकेटर से पॉलिटिशियन बने इमरान खान ने इसी जनभावना को भुनाया। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त पाकिस्तान का नारा बुलंद किया और अपनी सुधारवादी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के जरिये सरकार बना ली। लेकिन Pandora Paper से खुलासा हुआ है कि इमरान खान केकई कैबिनेट मंत्रियों, उनके परिवार कई सीक्रेट कंपनियों और ट्रस्टों के मालिक हैं। इनके पास लाखों डॉलर की ब्लैकमनी है।
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इन्वेस्टिगेशन जर्नलिज्म करने वाली ICIJ ने यह चौंकाने वाली लिस्ट जारी की है। इसमें 117 देशों के कई बड़े नाम सामने आए हैं। Pandora Paper में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान सहित 700 पाकिस्तानियों के नाम उजागर हुए हैं। इनमें पाकिस्तान के वित्त मंत्री शौकत तारिन, जल संसाधन मंत्री मूनिस इलाही, सांसद फैसल वावड़ा, उद्योग और उत्पादन मंत्री खुसरो बख्तियार के परिवार के नाम भी हैं। वहीं, कुछ सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, व्यवसायियों और मीडिया कंपनी के मालिकों के नाम भी सामने आए हैं। रिकॉर्ड में PTI का टॉप डोनर( PTI donor) आरिफ नकवी भी शामिल है। यह अमेरिका में एक फ्रॉड केस का सामना कर रहा है।
फोटो क्रेडिट-Getty
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Pandora Paper लीक से खुलासा हुआ है कि कैसे इमरान खान के एक प्रमुख राजनीतिक सहयोगी चौधरी मुनिस इलाही ने ब्लैक मनी को एक सीक्रेट ट्रस्ट के जरिये व्हाइट मनी में बदलने की प्लानिंग की थी। ICIJ ने कई बार इलाही से इस बारे में पूछा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि उनके परिजनों का तर्क है कि राजनीतिक उत्पीड़न (political victimisation) के चलते उन्हें बदनाम किया जा रहा है।
ICIJ ने यह रिपोर्ट टैक्स के मामलों में काम करने वालीं 14 दूसरी फर्म (offshore services) की मदद से 11.9 मिलियन कॉन्फिडेंसियल डॉक्यूमेंट की जांच के बाद तैयार की है इसे दुनियाभर के 150 न्यूज आर्गेनाइजेशन से शेयर किया गया है। हालांकि पेपर लीक होने के बाद इमरान खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन सभी आरोपों को खंडन किया है।
पेंडोरा पेपर्स(Pandora Paper) से पता चलता है कि 2007 में, जनरल शफात उल्लाह शाह की पत्नी(जो उस समय पाकिस्तान के प्रमुख जनरलों में से एक थे) ने अवैध निवेश करके लंदन में 1.2 मिलियन डॉलर का एक अपार्टमेंट खरीदा था। शाह तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के सहयोगी थे। इसमें भारतीय फिल्म निर्देशक के आसिफ के बेटे अकबर आसिफ ने मदद की। ये लंदन और दुबई में रेस्टोरेंट चलाते हैं। पेंडोर पेपर से पता चलता है कि आसिफ के बाद ऑफशोर कंपनियों( इसे इंटरनेशनल फंड्स भी कहा जाता है। ऑफशोर फंड्स विदेशी बाजार में निवेश करने वाली म्यूचुअल फंड की स्कीम है) के जरिये करोड़ों की प्रॉपर्टी है। आसिफ की बहन हीना कौसर अंडरवर्ल्ड डॉन इकबाल मिर्ची(अब मौत) की बहन है। यह डी कंपनी का हिस्सेदार था।
पेंडोरा पेपर्स से यह भी पता चलता है कि एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल राजा नादिर परवेज और एक पूर्व मंत्री, जो BVI-पंजीकृत कंपनी इंटरनेशनल फाइनेंस एंड इक्विपमेंट लिमिटेड के मालिक थे...ये भारत, थाईलैंड, रूस और चीन में काम करती है। 2003 में परवेज ने कंपनी से अपने शेयरों को एक ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया।
Pandora Paper लीक में जॉर्डन के राजा, यूक्रेन, केन्या और ईक्वाडोर के राष्ट्रपति, चेक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोने ब्लेयर के नाम भी शामिल हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 'प्रॉपगैंडा के अनाधिकारिक मंत्री' और भारत, रूस, अमेरिका, मेक्सिको समेत कई देशों के 130 अरबपतियों के नाम भी रिपोर्ट में उजागर किए गए हैं। हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है, इसका पता जांच के बाद ही चलेगा।
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