
उज्जैन. पंचांग के अनुसार, एक हिंदू वर्ष में 12 महीने होते हैं। प्रत्येक महीने में 15 दिन के दो पक्ष होते हैं, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। महीने का हिसाब सूर्य व चंद्रमा की गति के आधार पर रखा जाता है। जिस दिन सूर्य जिस राशि में प्रवेश करता है उसी दिन की संक्रांति होती है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है उसी आधार पर महीनों का नामकरण हुआ है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
मोरयाई छठ आज
भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मोरयाई छठ कहते हैं। कुछ स्थानों पर इसे सूर्य षष्ठी भी कहते हैं। इस दिन सूर्यदेव की पूजा कर व्रत किया जाता है। इस बार ये तिथि 2 सितंबर, शुक्रवार को है। भविष्योत्तर पुराण के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान, सूर्योपासना, जप एवं व्रत किया जाता है। इस दिन व्रत को अलोना (नमक रहित) भोजन दिन में एक बार ही करना चाहिए।
2 सितंबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 2 september 2022)
2 सितंबर 2022, दिन शुक्रवार को भाद्रमास मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि दोपहर 01:51 तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो रात अंत तक रहेगी। शुक्रवार को सूर्योदय विशाखा नक्षत्र में होगा, जो दिन भर रहेगा। शुक्रवार को विशाखा नक्षत्र होने से मातंग नाम का शुभ योग दिन भर रहेगा। इसके अलावा इंद्र और वैधृति नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल सुबह 10:53 से दोपहर 12:26 तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
शुक्रवार को चंद्रमा तुला राशि से निकलकर वृश्चिक में प्रवेश करेगा। शुक्र और सूर्य सिंह राशि में, बुध कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। अगर यात्रा करना जरूरी हो तो जौ या राईं खाकर घर से बाहर निकलें।
2 सितंबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- भादौ
पक्ष- शुक्ल
दिन- शुक्रवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- विशाखा
करण- तैतिल और गर
सूर्योदय - 6:13 AM
सूर्यास्त - 6:40 PM
चन्द्रोदय - Sep 02 11:26 AM
चन्द्रास्त - Sep 02 10:39 PM
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:51 तक
2 सितंबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 3:33 PM – 5:06 PM
कुलिक - 7:46 AM – 9:19 AM
दुर्मुहूर्त - 08:42 AM – 09:32 AM और 12:51 PM – 01:41 PM
वर्ज्यम् - 03:39 AM – 05:11 AM
पहली तिथि है प्रतिपदा
हिंदू पंचांग के अनुसार, कृष्ण और शुक्ल पक्ष मिलाकर कुल 16 तिथियां होती हैं। इन में से 1 से लेकर 14 तक की तिथियां समान होती हैं, सिर्फ अंतिम तिथि अमावस्या और पूर्णिमा होती हैं। पहली तिथि को प्रतिपदा कहा जाता है। प्रतिपदा तिथि में गृह निर्माण, गृह प्रवेश, वास्तुकर्म, विवाह, यात्रा, प्रतिष्ठा, आदि सभी मंगल कार्य किए जाते हैं। कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा में चन्द्रमा को बली यानी शक्तिशाली माना गया है और शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा में चन्द्रमा को निर्बल माना गया है।
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