जन्म कुंडली से जानिए कौन-सा ग्रह बन सकता है आपकी मृत्यु का कारण यानी मारक ग्रह

Published : Jun 25, 2021, 09:20 AM ISTUpdated : Jun 25, 2021, 12:12 PM IST
जन्म कुंडली से जानिए कौन-सा ग्रह बन सकता है आपकी मृत्यु का कारण यानी मारक ग्रह

सार

किसी भी जन्म कुंडली का विचार करते समय मारक स्थान और मारकेश का विचार करना अत्यंत आवश्यक है। मारक स्थान वह होता है जहां से किसी व्यक्ति की आयु और उसके लिए मारक ग्रह अर्थात् कौन सा ग्रह उसके मृत्यु तुल्य कष्ट या उसकी मृत्यु का कारण बन सकता है, उसका विचार किया जाता है।

उज्जैन. कुंडली में जन्म लग्न से अष्टम भाव और उस अष्टम भाव से अष्टम भाव अर्थात् लग्न से तीसरा स्थान आयु स्थान कहलाता है। और अष्टम व तृतीय के द्वादश स्थान सप्तम और द्वितीय मारक स्थान कहे जाते हैं। इन मारक स्थान में जो राशि होती है उसके स्वामी मारकेश कहलाते हैं। इस प्रकार हमने देखा कि सप्तम और द्वितीय भाव मारक स्थान होते हैं और इन दोनों में भी सप्तम से द्वितीय प्रबल मारक होता है। अपने लग्न के अनुसार जानिए मारक और प्रबल मारक ग्रहों के बारे में…

लग्न  मारक  प्रबल मारक
मेष-  शुक्र   शुक्र
वृषभ- बुध, गुरु, मंगल
मिथुन-  चंद्र, शनि, गुरु
कर्क- सूर्य,  शनि
सिंह- बुध, गुरु, शनि
कन्या- शुक्र, मंगल, गुरु
तुला- शुक्र, मंगल
वृश्चिक- गुरु, बुध, शुक्र
धनु- बुध, चंद्र, शनि
मकर- सूर्य, शनि, चंद्र
कुंभ- गुरु, बुध, सूर्य
मीन- मंगल, शुक्र

सूर्य से आयु विचार
जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति देखकर पता लगाया जा सकता है कि मनुष्य की आयु कितनी होगी। सामान्य नियम के अनुसार लग्नेश अर्थात् लग्न स्थान की राशि का जो स्वामी होता है यह यदि सूर्य का मित्र है तो व्यक्ति दीर्घायु होता है। लग्नेश सूर्य से सम भाव रखता हो तो मध्यायु और लग्नेश सूर्य का शत्रु हो तो अल्पायु मानना चाहिए। दीर्घायु न्यूनतम 96 वर्ष और अधिकतम 120 वर्ष की होती है। मध्यायु 64 से 80 वर्ष तक होती है और अल्पायु 32 से 40 वर्ष तक मानी गई है।

कुंडली के योगों के बारे में ये भी पढ़ें

कुंडली में स्थित ग्रहों से बनने वाली आकृति से बनते हैं विशेष योग, जानिए इनसे जुड़ी खास बातें

पंचमहापुरुष योगों में से एक है भद्र योग, जानिए कब बनता है ये कुंडली में, क्या है इसके फायदे?

कुंडली के इन अशुभ योगों के कारण जीवन में बनी रहती हैं परेशानियां, अशुभ फल से बचने के लिए करें ये उपाय

डर, वहम और डिप्रेशन का कारण हो सकते हैं ये ग्रह और कुंडली के योग, कर सकते हैं यह उपाय

कुंडली के पांचवें भाव में दोष होने पर आती है पढ़ाई में बाधाएं, ये उपाय करें

PREV

Aaj Ka Rashifal, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा—यहां सबसे सटीक जानकारी पढ़ें। इसके साथ ही विस्तृत Rashifal in Hindi में जीवन, करियर, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े रोज़ाना के ज्योतिषीय सुझाव पाएं। भविष्य को बेहतर समझने के लिए Tarot Card Reading के insights और जीवन पथ, भाग्यांक एवं व्यक्तित्व को समझने हेतु Numerology in Hindi गाइड भी पढ़ें। सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए भरोसा करें — Asianet News Hindi पर उपलब्ध विशेषज्ञ ज्योतिष कंटेंट पर।

Recommended Stories

12 जनवरी का राशिफल, शुक्र के राशि बदलने से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
Weekly Tarot Horoscope: इस सप्ताह 5 राशि वालों को मिलेगी गुड न्यूज